सफाई कर्मचारियों का वेतन जेबीटी शिक्षकों के बराबर किया जाए: रामफल चौहान
पूर्व जिला महामंत्री ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से की मांग, कहा—गंदगी के बीच काम करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य और परिवार का भी रखा जाए ध्यान
जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। Jakhal News: पूर्व जिला महामंत्री अनुसूचित जाति मोर्चा एवं पूर्व जिला महामंत्री भाजपा हरियाणा रामफल चौहान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सफाई कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी कर उसे जेबीटी शिक्षकों के बराबर करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज को स्वच्छ रखने के लिए जिस कठिन और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं, उसकी तुलना किसी सामान्य नौकरी से नहीं की जा सकती।
रामफल चौहान ने कहा कि आम लोग सुबह घर या कार्यालय में बैठकर चाय-नाश्ता करते हैं, लेकिन सफाई कर्मचारी उसी समय लोगों द्वारा फेंकी गई गंदगी, छोटे बच्चों के गंदे नैपकिन, जूठा भोजन और अन्य कचरा उठाने के लिए निकल जाते हैं। सड़क पर मरे हुए पशुओं को उठाने से लेकर गंदगी के ढेर साफ करने तक का काम भी इन्हीं कर्मचारियों को करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की भी नाक है, वे भी सांस लेते हैं और उनके भी परिवार व बच्चे हैं। लगातार गंदगी और दूषित वातावरण में काम करने के कारण उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने गांव म्योंद कलां के सफाई कर्मचारी गिंदर राम बाजीगर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह सांस की बीमारी से पीड़ित हैं और ऐसे कर्मचारियों के स्वास्थ्य की चिंता करना समाज व सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।
रामफल चौहान ने कहा कि सफाई व्यवस्था पर खर्च होने वाला पैसा जनता द्वारा दिए गए टैक्स से आता है। यदि जरूरत पड़े तो जनता स्वच्छता व्यवस्था के लिए थोड़ा अधिक टैक्स देने को भी तैयार है, लेकिन सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गंदगी के बीच अपना जीवन खपाने वाले सफाई कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन और बेहतर सुविधाएं मिलें।
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अपील करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों की मेहनत, जोखिम और सामाजिक योगदान को देखते हुए उनका वेतन जेबीटी शिक्षकों के समान किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों का जीवन बेहतर होगा तथा समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना भी मजबूत होगी।