वैज्ञानिकों ने पक्षियों की प्रजातियों को बचाने पर दिया जोर

Published On

कलर स्केच प्रतियोगिता की यूजी कैटेगरी में वैभव व पीजी कैटेगरी में संदीप कौर प्रथम

सच कहूँ/विनोद शर्मा 
फतेहाबाद । चौधरी मनीराम गोदारा गवर्नमेंट कॉलेज फॉर विमेन, भोडिया खेड़ा ने एमवीपी समाज के कला, वाणिज्य और विज्ञान कॉलेज, डिंडोरी (नासिक) महाराष्ट्र के सहयोग से भारत में एक राष्ट्रीय स्तर की कलर स्केच प्रतियोगिता और पक्षी संरक्षण प्रथाओं पर एक सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार में पूरे भारत के छात्रों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने सेमिनार के दौरान एसआरटीएम विश्वविद्यालय, नांदेड़ (महाराष्ट्र) स्कूल जीव विज्ञान के निदेशक पक्षी वैज्ञानिक एसपी चव्हाण, और जीएनसी, सिरसा जूलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विवेक गोयल के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रोफेसर एसपी चव्हाण ने अंटार्कटिका में जीवन पर प्रतिभागियों को प्रबुद्ध किया।

पक्षियों की घटती आबादी चिंता का विषय: प्रो. विवेक गोयल

एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विवेक गोयल का भाषण पक्षियों की घटती आबादी में मानवजनित गतिविधियों की भूमिका, पक्षी संरक्षण की आवश्यकता पर केंद्रित था और साथ ही उन्होंने पक्षियों को बचाने के लिए सार्वजनिक भागीदारी गतिविधियों पर जोर दिया। प्राचार्य डॉ. राजेश मेहता ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

सेमीनार में 100 प्रतिभागियों ने लिया भाग

समन्वयक डॉ. विजय सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन दोनों महाविद्यालयों के प्राणी विज्ञान विभाग और आईक्यूएसी द्वारा किया गया। कलर स्केच प्रतियोगिता में कुल 54 छात्रों और सेमिनार में 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। विजेताओं को दो कैटेगरी में सर्टिफिकेट दिए गए। पीजी कैटेगरी में संदीप कौर ने पहला, सखी सेठी ने दूसरा और मुकेश ने तीसरा स्थान हासिल किया। यूजी कैटेगरी में वैभव प्रथम, गणेश मोरया ने द्वितीय, तृतीय स्थान पर संतोष रानी व भाग्यश्री, मासूम सिंगला ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts