सोनीपत से पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हाईकोर्ट से बड़ी राहत

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हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर 2024 को विशेष पीएमएलए अदालत, अंबाला द्वारा पारित संज्ञान आदेश को किया निरस्त

खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। Kharkhoda News: हरियाणा के सोनीपत से पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर 2024 को विशेष पीएमएलए अदालत, अंबाला द्वारा पारित संज्ञान आदेश को निरस्त कर दिया है। Kharkhoda News

सोनीपत से पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार ने अदालत में याचिका दायर कर तर्क दिया था कि ईडी की ओर से दायर शिकायत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS, 2023) के तहत की गई थी, लेकिन उन्हें संज्ञान लेने से पहले अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि BNSS की धारा 223 के प्रावधान के अनुसार, इस चरण पर सुनवाई का अवसर दिया जाना अनिवार्य है। Kharkhoda News

माननीय न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया ने अपने फैसले में माना कि विशेष अदालत ने सुरेंद्र पंवार को कानूनी प्रक्रिया के तहत सुनवाई का अवसर दिए बिना ही संज्ञान ले लिया, जो कि BNSS के प्रावधानों के विरुद्ध है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता और अधिकारों का सवाल हो, तो प्रक्रिया का पालन अनिवार्य हो जाता है।

हाईकोर्ट ने विशेष अदालत का आदेश रद्द करते हुए मामला फिर से सुनवाई के लिए अंबाला की विशेष अदालत को भेज दिया, और यह निर्देश दिए कि संज्ञान लेते समय सुरेंद्र पंवार को सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाए, जैसा कि कानून में निर्धारित है। Kharkhoda News

यह मामला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि सुरेंद्र पंवार एक सक्रिय राजनीतिक शख्सियत रहे हैं और यह फैसला BNSS जैसे नए कानूनों की प्रक्रिया पर एक अहम टिप्पणी करता है। वही पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार का कहना है कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई न केवल प्रक्रियागत रूप से दोषपूर्ण है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक मंशा भी है। हाईकोर्ट का यह फैसला उनके लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत माना जा रहा है। Kharkhoda News

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