Punjab
प्रताप नगर में चोरों का आतंक, बढ़ती वारदातों से लोगों में दहशत, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
प्रताप नगर में चोरों का आतंक, बढ़ती वारदातों से लोगों में दहशत
प्रताप नगर, सच कहूं राजेंद्र कुमार । प्रताप नगर कस्बे में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं और पुलिस की कथित निष्क्रियता को लेकर आमजन में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि लगातार शिकायतें और सबूत देने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। हालात यह हैं कि अब व्यापारी, किसान और सामाजिक संस्थाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। हाल ही में सामने आए तीन मामलों ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहला मामला देवधर क्षेत्र का है, जहां एक किसान के खेत से गेहूं चोरी होने की घटना सामने आई। पीड़ित किसान ने पुलिस को आवश्यक सबूत और जानकारी उपलब्ध कराई,पुलिस ने मामला तो दर्ज कर दिया लेकिन उसके आग की कार्रवाई आगे नहीं बढ पाई। किसान का कहना है नामजद व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दी गई और चोरी में शामिल वाहन की भी फुटेज दी गई लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो आरोपियों तक पहुंचा जा सकता था।
दूसरा मामला स्थानीय व्यापारी सुशील वालिया की दुकान में चोरी से जुड़ा है। दुकान में हुई चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। 1 मई को पीड़ित द्वारा फुटेज पुलिस को सौंपने के बावजूद अब तक न तो आरोपियों की पहचान सार्वजनिक हुई और न ही गिरफ्तारी की कोई सूचना सामने आई। इतना ही नहीं अब तक मुकदमा भी दर्ज नहीं किया गया है। व्यापारियों का कहना है कि यदि सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं होगी तो फिर सुरक्षा व्यवस्था का क्या मतलब रह जाता है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने कई बार चोरी की शिकायत दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि शिकायत पर कोई कार्रवाई तो होती नहीं फिर शिकायत देकर क्या फायदा।
तीसरा मामला आर्य समाज भवन निर्माण स्थल से सामान चोरी होने का है। 8 मई की रात को आर्य समाज भवन निर्माण से सामान चोरी हुआ था। पवन गुप्ता ने बताया कि अभी तक इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया जबकि पुलिस सभी साक्ष्य और चोरों की पहचान भी बता दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।सामाजिक संस्था से जुड़े लोगों का आरोप है कि निर्माण सामग्री चोरी होने के बावजूद पुलिस की ओर से मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। इससे लोगों में यह संदेश जा रहा है कि अपराधियों को कानून का कोई भय नहीं रह गया है।
केवल चोरी की घटनाएं ही नहीं, बल्कि कस्बे में बिना नम्बर प्लेट के वाहन खुलेआम दौड़ रहे हैं। कई बाइक चालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन चला रहे हैं। खासतौर पर बुलेट मोटरसाइकिलों से पटाखों जैसी तेज आवाज निकालने वाले युवकों से आमजन परेशान हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे इस शोर से दहशत में रहते हैं, लेकिन पुलिस की ओर से इनके खिलाफ भी कोई प्रभावी अभियान नजर नहीं आ रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती और लापरवाही के कारण क्षेत्र में कानून व्यवस्था कमजोर होती जा रही है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि चोरी की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। साथ ही बिना नम्बर प्लेट वाले वाहनों और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर आमजन को राहत दी जाए। ग्रामीण राजिंदर कुमार,पवन गुप्ता,महिपाल रोहिला ,सुशील वालिया आदि का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र में अपराध और अव्यवस्था की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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