Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना का बदल गया नियम, जानें आपकी बेटी का भविष्य कितना सुरक्षित

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कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। Sukanya Samriddhi Yojana: डीसी प्रीति ने बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं को लागू करते हुए क्रियान्वित किया गया है। इसी कड़ी में सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वरदान है। उन्होंने बताया कि इस योजना में जमा की गई राशि भविष्य में बेटियों को उच्चतर शिक्षा दिलवाने व उनकी शादी में आर्थिक रुप से मददगार साबित हो रही है। ऐसे में सभी पात्र व्यक्तियों को इस योजना के तहत अपनी बेटी का खाता खुलवाना चाहिए। Kaithal News

सुकन्या समृद्धि खाता योजना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का ही एक भाग है। डीसी ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत माता-पिता या कानूनी अभिभावक दो लड़कियों के लिए यह खाता खुलवा सकते हैं। बेटी के जन्म से 10 वर्ष तक की उम्र में सुकन्या समृद्धि एकाउंट खोला जा सकता है। यह खाता लड़की के नाम से ही खोला जा सकता है। जमाकर्ता माता-पिता (अभिभावक) में से एक होगा जो नाबालिग लड़की की ओर से पैसा जमा करेगा। उन्होंने कहा कि मात्र 250 रुपए से खाता खोला जा सकता है लेकिन साल में कम से कम एक हजार रुपए हर खाते में जमा होने चाहिए, अधिकतम एक लाख 50 हजार रुपए वर्ष में जमा किए जा सकते है। Sukanya Samriddhi Yojana

एक वित्त वर्ष में पैसे नकद, चैक या ड्राफ्ट के जरिए कितनी बार ही जमा किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुकन्या समृद्धि खाता योजना में जमा राशि पर ब्याज की गणना सालाना की जाती है। अभिभावक इस खाते में 14 साल तक ही पैसे जमा करवा सकते हैं और 21 वर्ष में यह खाता परिपक्व हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष के बाद बेटी की उच्चतर शिक्षा के लिए तथा विवाह के समय जमा राशि में से आधा हिस्सा निकलवाया जा सकता है। यह खाता इसके खोले जाने की तिथि से लेकर लड़की की आयु 21 वर्ष होने तक तथा उसके विवाह के बाद बंद किया जा सकेगा।

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