नशे ने फिर उजाड़े दो घर: जगराओं में दो जिगरी दोस्तों की मौत ने खड़े किए बड़े सवाल
परिवारों का दावा: टीकों और सिरिंजों ने छीन लिए जवान पुत्र, पुलिस कुदरती मौत कह रही, आखिर सच क्या है?
लुधियाना/जगराओं (सच कहूँ/सुरेंद्र कुमार शर्मा)। Ludhiana News: पंजाब में नशों के विरुद्ध मुहिम के दावों के बीच जगराओं के निकटवर्ती गांव मनवरपुरा में दो जवान मौतों ने एक बार फिर पूरे प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही गांव, दो जिगरी दोस्त, हरप्रीत सिंह और प्रिंस अब इस दुनिया में नहीं रहे। परिजनों का आरोप है कि दोनों नशे की टीकों की चपेट में आए थे, जबकि पुलिस ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
पीड़ित परिजनों का दावा है कि शवों के पास से नशे के इंजेक्शन और सिरिंज मिली हैं। वहीं पुलिस ड्रग ओवरडोज से हुई मौत मानने से साफ इनकार कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह महज बीमारी और ‘नेचुरल डेथ’ का मामला है। साथ ही, उसका दावा है कि मृतकों में से एक युवक पहले से बीमार था। घर के इकलौते चिरागों की इस तरह हुई संदिग्ध मौत के बाद पुलिस के इस ‘कुदरती मौत’ वाले दावे पर सवाल उठने लगे हैं।
हरप्रीत सिंह व प्रिंस दोनों एक ही गांव के थे। दोनों अक्सर एक साथ ही रहते थे। दोनों ने जल्दी ही स्कूल छोड़ कर काम काज करना शुरु किया। परिजन बताते हैं कि दोनों पहले भी साथ ही रहते थे। दोनों राज मिस्त्री के साथ काम करते थे। परिजनों का कहना है कि दिनभर काम करने के बाद दोनों शाम को भी साथ ही रहते थे। शुरु में गोलियों से शुरु हुआ नशा, धीरे-धीरे टीकों तक पहुंच गया और अंत में दोनों की जान ले गया।
हरप्रीत के पिता बताते हैं कि उन्हें काफी समय पहले शक हुआ तो उन्होंने हरप्रीत से पूछा था कि तू नशा तो नहीं कर रहा। जिस पर उसने नशे से इंकार करता रहा, पर कुछ समय बाद परिवार को हकीकत का पता लगा। पिता का कहना है कि सुबह उन्हें सूचना मिली कि हरप्रीत खेतों में मोटर के पास पड़ा है। जब वहां गए तो वो बहोशी की हालत में था। उसे उठाकर डॉक्टर के पास ले गए तो तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। दूसरी तरफ प्रिंस अपने घर के आंगन में ही गिरा हुआ था। परिवार का दावा है कि उसके हाथ में सिरिंज लगी थी। परिजनों ने जब उसे उठाने की कोशिश करती तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है।
हरप्रीत के पिता का कहना है कि उसकी शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। उसका एक बेटा है, जिसकी उम्र एक साल है। उनका कहना है कि बच्चे के सिर से बाप का साया उठ गया। दूसरी तरफ प्रिंस तीन बहनों का इकलौता भाई था। प्रिंस की बहनों का कहना है कि नशे ने उनका भाई छीन लिया। अब आने वाले रक्षाबंधन पर हम किसकी कलाई पर राखी बांधेंगी?
इन दोनों मौतों ने एक बार फिर पंजाब में नशों की चुनौती, युवाओं की सुरक्षा और सप्लाई की कड़ी पर रोक संबंधी कई अह्म सवाल लोगों के सामने खड़े कर दिए हैं। जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे, पर इस समय दो परिवार अपने जवान पुत्रों के बिछोड़े का असहाय दुख सह रहे हैं।
