Blood Donation: थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने किया 29 यूनिट रक्तदान

मेरे पास शब्द नहीं हैं कि मैं डेरा सच्चा सौदा की टीम का कैसे धन्यवाद करुं, मैंने स्वयं अनुरोध करके यह कैंप मांगा था : डॉ. अमनप्रीत कौर

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लुधियाना (सच कहूँ/सुरेंद्र कुमार शर्मा)। Blood Donation: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पवित्र शिक्षाओं पर चलते हुए लुधियाना के डेरा श्रद्धालुओं द्वारा सोमवार को सिविल अस्पताल लुधियाना के ब्लड बैंक में पहुंचकर थैलेसीमिया से पीड़ित मासूम बच्चों के लिए लगभग 29 यूनिट रक्तदान किया गया। जानकारी के अनुसार, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए रक्त की पूर्ति हेतु ब्लड बैंक में खून की कमी के कारण डॉक्टर चिंतित थे, क्योंकि कई बच्चों को हर 15 दिन बाद रक्त की आवश्यकता पड़ती है और यदि समय पर रक्त न मिले तो उनकी जान खतरे में पड़ सकती है। इस नाजुक स्थिति में सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक ने डेरा सच्चा सौदा सरसा की समाज भलाई संस्था, जो कि एमएसजी ट्रू ब्लड पंप के नाम से भी जानी जाती है तथा सेवादार शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी के साथ संपर्क किया।

सच्चे रुहानी रहबर पूजनीय गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा मानवता की सेवा और रक्तदान के लिए दी गई प्रेरणा पर चलते हुए सेवादारों ने बिना देरी किए विशेष रक्तदान शिविर लगाया और कुछ ही समय में दर्जनों रक्तदाता सिविल अस्पताल पहुंच गए। इससे न केवल थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए रक्त की कमी दूर हुई, बल्कि अन्य जरुरतमंद मरीजों की भी सहायता हुई।

ब्लड बैंक की इंचार्ज डॉ. अमनप्रीत कौर (बीटीओ) ने भावुक होते हुए कहा कि उनके पास डेरा सच्चा सौदा की टीम का धन्यवाद करने के लिए शब्द कम हैं। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण रक्त की भारी कमी थी और उन्हें मजबूरी में थैलेसीमिया पीड़ित कुछ बच्चों को वापस भेजना पड़ा। इस बात ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। इसके बाद उन्होंने स्वयं डेरा सच्चा सौदा की टीम से संपर्क कर तुरंत रक्तदान शिविर लगाने का अनुरोध किया। डॉ. अमनप्रीत ने बताया कि बहुत कम समय के नोटिस के बावजूद डेरा सच्चा सौदा की टीम के 25 से 30 रक्तदाता तुरंत ब्लड बैंक पहुंच गए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक शिविर नहीं था, बल्कि उन बच्चों की जान बचाने का प्रयास था, जिनके लिए रक्त की प्रत्येक यूनिट जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन सकती है।

इस अवसर पर डेरा सच्चा सौदा सरसा की स्टेट कमेटी के सदस्य एवं नम्र सेवादार जसवीर इन्सां ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा की शिक्षाओं के कारण सेवादार हमेशा मानवता की भलाई के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को रक्त की कमी नहीं आने दी जाएगी। शिविर में 33वीं बार रक्तदान करने वाले लखविंदर सिंह ने कहा कि वे कई वर्षों से नियमित रक्तदान कर रहे हैं और उन्हें आज तक कभी कमजोरी महसूस नहीं हुई। बल्कि मानवता की सेवा करके उन्हें आत्मिक खुशी मिलती है।

डेरा श्रद्धालुओं का धन्यवाद करने के लिए शब्द भी कम पड़ जाते हैं: डॉ. अमनप्रीत

डॉ. अमनप्रीत कौर ने बताया कि उनके ब्लड बैंक में रक्त की कमी के कारण उन्हें थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को वापस भेजना पड़ा था, जिससे उन्हें बहुत निराशा हुई। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं अनुरोध करके डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों से रक्तदान शिविर लगाने की अपील की। उन्होंने बिना देरी किए शिविर लगा दिया और थोड़े ही समय में 25-30 रक्तदाता शिविर में पहुंच गए, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि मेरे पास इतने शब्द नहीं हैं कि मैं टीम का कितना धन्यवाद करुं।

 

Ludhiana News (2)

 

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