Punjab Farmers News: किसानों ने डीसी और एसएसपी कार्यालयों का किया घेराव
बरनाला में किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से एसएसपी आवास घेरा
मानसा (सच कहूँ/सुखजीत मान)। Punjab Farmers News: भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में किसानों ने शनिवार को डीसी और एसएसपी कार्यालयों का पूर्ण घेराव किया। यह प्रदर्शन 30 अगस्त से डीसी कार्यालय के बाहर चल रहे पक्के मोर्चे के तहत किया गया। घेराव में महिलाओं समेत हजारों किसानों ने हिस्सा लिया और केंद्र व पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला प्रधान राम सिंह भैणीबाघा ने कहा कि कामकाज के व्यस्त मौसम और गर्मी के बावजूद किसान सात दिनों से मोर्चे पर बैठे हैं, लेकिन सरकारें उनकी मांगों की अनदेखी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।
किसानों ने केंद्र से किसान विरोधी समझौतों से बचने, किसानों-मजदूरों का कर्ज माफ करने और एमएसपी की कानूनी गारंटी देने की मांग की। पंजाब सरकार की लैंड पॉलिसी रद्द करने, काश्तकारों को जमीन के अधिकार देने, आंदोलन व पराली जलाने से जुड़े मामले रद्द करने, हर खेत को नहरी पानी और हर घर को पीने का पानी उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। किसानों ने पंजाब के पानी पर कंपनियों के कब्जे रोकने और फसलों के भाव स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार तय करने की मांग की।
मुआवजे की मांग पर किसानों का डीसी दफ्तर घेरा
अमृतसर। बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के किसानों ने शनिवार को डीसी कार्यालय का घेराव किया। पक्के मोर्चे के दौरान किसानों ने बैरिकेडिंग हटाकर कार्यालय परिसर में प्रवेश किया। उन्हें रोकने पर पुलिस और किसानों के बीच तीखी बहस के बाद धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान एक किसान की पगड़ी भी उतर गई। किसान नेताओं ने कहा कि बाढ़ से कई क्षेत्रों में खड़ी फसलें बर्बाद हुई हैं और जमीन व संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सरकार से प्रभावित किसानों और लोगों को जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की। नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
बरनाला में किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से एसएसपी आवास घेरा
बरनाला। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में चल रहा किसानों का धरना शनिवार को सातवें दिन भी जारी रहा। किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से एसएसपी आवास का घेराव कर केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ रोष जताया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है और कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियां अपना रही है। उन्होंने कहा कि तेज धूप में किसान एक सप्ताह से प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर धरना दे रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
