कोरोना काल में तोड़ी नशे की चेन

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200 से घटकर 50 के करीब रह गई मरीजों की संख्या

अबोहर (सच कहूँ/सुधीर अरोड़ा)। लॉकडाउन के दौरान नए मरीजों की संख्या करीब 150 से 200 के करीब पहुंच गई थी, लेकिन अब यह संख्या कम होकर 50 के करीब रह गई है। करीब 700 मरीज की नशा छोड़ने की दवा चल रही है। यदि वह लोग निरंतर दवा लें तो यह पूर्ण तौर से नशामुक्त हो सकते हैं। इसे जागरूक करने व प्रेरित करने की जरुरत है। यह कहना है अबोहर के सरकारी अस्पताल के नशा छुड़ाऊ केंद्र के विशेषज्ञ डा. महेश का। डा. महेश ने बताया कि सप्ताह में तीन दिन ड्यूटी यहां व तीन दिन डयूटी फाजिल्का में करते हैं।

अब फाजिल्का में एक स्पेशलिस्ट की नियुक्ति हो गई है जिससे उम्मीद है कि वह अब यहां ही सप्ताह भर बैठेंगे जिससे जहां मरीजों को लाभ होगा वहीं उन्हें भी इससे राहत मिलेगी। डॉ. महेश ने बताया कि उनके पास नशा छोड़ने आने वाले लोगों में से 50 फीसदी लोग युवा होते हैं जिनकी आयु करीब 40 साल से कम होती है जबकि शेष उससे अधिक आयु के लोग होते है। उन्होंने बताया कि युवा चिट्टे का इस्तेमाल करने की बात कहते हैं जबकि बुजुर्ग पोस्त खाने के आदि होते हैं। डा. महेश ने बताया कि इनकी दवा कुछ लंबा समय चलती है मानो करीब दो साल। उन्होंने माना कोरोना के कारण लगे लाकडाउन दौरान नशे की सप्लाई की चैन टूटी जिससे लोग नशा छोड?े की तरफ बढ़े। उन्होंने बताया कि कोरोना के कारण लोग अस्प्ताल में दाखिल होने से कतराने लगे है।

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