पंजाब: कुमार विश्वास के खिलाफ आईटी एक्ट में मामला हुआ दर्ज
चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पूर्व आप नेता कुमार विश्वास के खिलाफ पंजाब में आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। गौरतलब हैं कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर खालिस्तान के साथ सम्पर्क करने का आरोप लगाया था। वहीं कुमार विश्वास के घर पर आज सुबह पुलिस पहुंची। जिसके बाद कुमार विश्वास ने ट्वीट कर पंजाब पुलिस पर आपत्ति जताई है। इससे पहले दिल्ली में बीजेपी के नेता तेजिंदर बग्गा, दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता नवीन कुमार जिंदल पर भी केस दर्ज हो चुका है। इन मामलों में भी पंजाब पुलिस जांच के लिए दिल्ली पहुंची थी।
सुबह-सुबह पंजाब पुलिस द्वार पर पधारी है।एक समय, मेरे द्वारा ही पार्टी में शामिल कराए गए @BhagwantMann को आगाह कर रहा हूँ कि तुम, दिल्ली में बैठे जिस आदमी को, पंजाब के लोगों की दी हुई ताक़त से खेलने दे रहे हो वो एक दिन तुम्हें व पंजाब को भी धोखा देगा।देश मेरी चेतावनी याद रखे??? pic.twitter.com/yDymGxL1gi
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) April 20, 2022
आइये जानते हैं कुमार विश्वास ने क्या कहा था….
‘मैं हमेशा से मानता रहा हूं कि पंजाब एक राज्य नहीं, बल्कि एक इमोशन है। पंजाबियत एक भावना है। ऐसे में एक ऐसा आदमी अलगाववादी संगठनों, खालिस्थानी समर्थकों का साथ ले रहा था। जब मैंने उससे कहा कि इनका साथ मत ले तो उसने मुझसे कहा कि नहीं-नहीं तू चिंता मत कर। हो जाएगा। मैंने पूछा कि इनका साथ लेकर कैसे मुख्यमंत्री बनेंगे तो उसने मुझे इसका फॉमूर्ला भी बताया कि ऐसे-ऐसे भगवंत मान (वर्तमान सीएम कैंडिडेट) और फुल्का जी (एचएच फुल्का) को लड़वा दूंगा और आज भी वो उसी पथ पर है। मानो तो मानो नहीं तो वो पपेट बिठा देगा। कोई कुछ कर लेगा वो। मुझे उसने इतनी भयानक बातें बोलीं, जो कि पंजाब में सबको पता हैं। एक दिन तो मुझसे बोला कि तू चिंता मत कर, या तो मैं एक स्वतंत्र सूबे का मुख्यमंत्री बनूंगा। मैंने कहा कि ये अलगाववाद… 2020 का रेफरेंडम आ रहा है। आईएसआई से लेकर पूरी दुनिया फंडिंग कर रही है। तो बोला कि तो क्या हुआ। स्वतंत्र देश का पहला प्रधानमंत्री बनूंगा। विश्वास ने कहा कि इस आदमी में सत्ता का ऐसा लालच है कि बस सरकार बननी चाहिए। भले ही अलगाववाद सहारे बने।
कौन हैं कुमार विश्वास
विश्वास हिंदी कवि, वक्ता और सामाजिक-राजनैतिक कार्यकर्ता हैं। वे आम आदमी पार्टी में भी रह चुके हैं। अन्ना हजारे के आंदोलन के वक्त कुमार विश्वास और अरविंद केजरीवाल एक साथ आए। इसके बाद विश्वास कुछ समय तक केजरीवाल की पार्टी में काम करते रहे। कहा जाता है कि कुमार राज्यसभा जाना चाहते थे, लेकिन केजरीवाल ने उन्हें राज्यसभा के लिए नहीं चुना। इस वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ दी और अब वह राजनीति से दूर होकर सिर्फ कवि के तौर पर मंच संभाल रहे हैं।
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