बरनाला : गांव ढिल्लवां में फैला चेचक , स्वास्थ्य अधिकारी बेखबर

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स्वास्थ्य विभाग बीमारी को रोकने और जागरूकता के लिए उठाए उचित कदम : पीड़ित | Smallpox

बरनाला/तपा मंडी(सुरिन्दर मित्तल )। भारत सरकार, राज्यों की सरकारें और सेहत विभाग की ओर से लोगों को बीमारियों से दूर रखने के लिए बड़े-बड़े अभियान चलाए जा रहे हैं, जिन पर लोगों की ओर से भरे जाते टैक्सों का अरबों-खरबों रूपये खर्च हो जाते हैं। इसी के अंतर्गत चेचक, टीबी, कैंसर पोलियो आदि की रोकथाम के लिए हर साल लाखों सरकारी कर्मचारियों व सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से घर-घर जाकर ऐसे अभियानों को सफल बनाने के लिए प्रचार प्रसार और वैक्सीन, दवाएं आदि देकर कोशिशें की जातीं हैं परन्तु फिर भी सरकार लोगों को इन बीमारियों से बचाने के लिए पूरी तरह सफल नहीं हो पा रही। इस तरह का ही गंभीर मामला गांव ढिल्लवां में सामने आया है।

गांव लालू विहड़े में कई घरों के बच्चों और जवानों को चिकन पौकस मतलब (Smallpox) चेचक, जिसे आम ग्रामीण भाषा में छोटी माता की बीमारी के नाम के साथ जाना जाता है ने घेर रखा है परंतु सरकार के सेहत विभाग को इस संबंधी न ही गांव स्तर पर और न ही तहसील स्तर के अस्पताल में जानकारी है। इस संबंधी लाळू वेहड़े के निवासियों जगसीर सिंह, गुरमेल सिंह, राज सिंह आदि ने पत्रकार को बुलाकर जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने से उनके परिवार में इस बीमारी के साथ घर के सदस्य पीड़ित हैं, जिनका निजी अस्पतालों में से इलाज करवाया जा रहा है और उनकी कमाई इस बीमारी पर ही खर्च हो रही है। गुरमेल सिंह ने बताया कि उनके बच्चे गुरअंश, प्रिंसदीप, सुखमण, और उनके पड़ोसी जगसीर सिंह ने अपने बेटे बलजीत सिंह, युवा लड़की गुरप्रीत कौर बेटी राज सिंह भी कई दिनों से इस बीमारी के साथ पीड़ित है, जिनका इलाज भी निजी तौर पर करवाया जा रहा है।

प्रारंभिक केन्द्र में नहीं है मेडीकल अधिकारी | Smallpox

जब गांव ढिल्लवां के प्रारंभिक सेहत केंद्र में गांव में चेचक फैलने संबंधी पत्रकार की ओर से जानकारी लेने के लिए दौरा किया तो वहां उपस्थित स्टाफ ने बताया कि प्रारंभिक केंद्र में पिछले एक दो महीनों से कोई भी मैडीकल अधिकारी नहीं है परंतु वह खुद गांव के घरों में जाकर किसी भी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति संबंधी पता कर रहे हैं और उनका बनता इलाज करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। गांव में चेचक की बीमारी फैलने संबंधी उनको कोई जानकारी देने नहीं आया।

इस बीमारी के फैलने और सेहत विभाग को जानकारी हो या न हो संबंधी जब सब डिविजनल अस्पताल तपा के एसएमओ डॉक्टर जसवीर सिंह औलख के साथ उनके दफ़्तर जाकर बात की तो उन्होंने कहा कि विभाग के पास अभी तक चेचक के साथ एक भी पीड़ित मरीज नहीं पहुंचा और न ही किसी ने कोई जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि चेचक के साथ पीड़ित व्यक्ति यदि किसी निजी डॉक्टर से इलाज करवाता है तो वह डॉक्टर सरकारी अस्पताल को इस संबंधी जानकारी देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अधिकतर कर्मचारियों की ड्युटियां शुरू होने वाले पल्स पोलिया अभियान में लगाई गई हैं। इसके बाद गांव में जानकारी लेकर ईलाज के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी।

पीड़ितों का कुशलक्षेम जानने नहीं पहुंची कोई सरकारी डॉक्टर | Smallpox

  • पीड़ितों ने सरकारी अस्पताल की ओर से की गई कार्रवाई के सवाल के जबाव में बताया।
  • सरकारी अस्पताल का कोई भी डाक्टर या कर्मचारी उनके पास हालचाल भी जानने नहीं आया।
  • जब कि सरकार ने प्राईमरी हैल्थ वर्करों को घर-घर जाकर लोगों की सेहत बारे जानकारी रखने के लिए ही रखा है।
  • उन्होंने सरकार से मांग की कि सरकारी डॉक्टरों को भेज कर गांव में
    बीमारी का शिकार हो रहे पीड़ितों सम्बन्धित जांच की जाये।
  • और इसके इलाज और बीमारी को रोकने के लिए सरकार की तरफ से उचित कदम उठाए जाएं।

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