शिक्षा और रोजगार
कैप्टन इजाजत दें, फास्ट-वे वालों को टांग दूंगा: सिद्धू
सिद्धू का पिछले पांच साल में फास्ट-वे संबंधी खुलासा
- 5 साल, 684 करोड़ का घोटाला
- सिद्धू बोले, बादलों की बोली बोलता है एक चैनल, अब नहीं छोडूंगा
चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। जंग का अखाड़ा बनी पंजाब विधानसभा का आखिरी दिन भी हंगामे भेंट चढ़ गया। सत्र के बाद कांग्रेस ने प्रैस कांफ्रैंस कर अकाली दल तथा आम आदमी पार्टी पर जमकर हमले किए।प्रैस कांफ्रैंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू व विधायक सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कहा कि बादलों ने पंजाब को जमकर लूटा है।
केबल माफिया व एक कथित टीवी चैनल खिलाफ बोलते हुए रंधावा ने सिद्धू को उनके खिलाफ अवाज उठाने के लिए कहा, जिसपर सिद्धू ने कहा कि उनकी नजर केबल माफिया पर ही है। सिद्धू ने कहा कि केबल माफिया और कथित टीवी चैनल सदन की कार्रवाई की गलत रिपोर्टिंग करता है। इस चैनल को बादलों का डब्बू करार देते हुए सिद्धू ने कहा कि यह चैनल सिर्फ बादलों की बोली बोलता है।
करोड़ों का टैक्स चोरी किया
फास्ट-वे केबल संबंधी बोलते हुए सिद्धू ने कहा कि केबल माफिया उनके निशाने पर है और वह उन्हें नहीं छोडेंगे। सिद्धू ने खुलासा करते कहा कि फास्ट-वे केबल नैटवर्क करोड़ों रुपए के इंटरनेट टैक्स की चोरी करता है। अकाली-भाजपा सरकार समय इन्होंने 1300 करोड़ रुपए का चूना लगाया है। सिद्धू ने कहा कि यदि केबल का काम सरकार के पास आ जाए तो पंजाब के एक लाख नौजवानों को रोजगार मिल सकता है।
आगे वाला समय देखने वाला होगा
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि अकाली दल ने 10 साल तक पंजाब में राज किया और इस दौरान बादलों ने पंजाब को जी भरकर लूटा। पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस को सत्ता में आए अभी केवल तीन महीने ही हुए हैं जबकि इतने कम समय दौरान कांग्रेस ने बादलों की पोल खोलकर रख दी। भविष्य में कांग्रेस क्या कुछ करती है यह देखने वाला होगा।
आप व अकाली आपस में मिले
कांग्रेसी विधायक सुखजिन्द्र रंधावा ने कहा कि अकाली दल व आम आदमी पार्टी शुरू से ही मिले हुए हैं। उस वक्त ‘आप’ नेता कहां थे जब अकाली दल के कार्यकाल दौरान बैंस ब्रदर्स को उठाकर विधानसभा से बाहर निकाला था। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि अकाली दल जान-बूझकर सदन की कार्रवाई को धार्मिक मुद्दा बना रहा है। उन्होंने कहा कि अकाली दल के समय कई बार पगड़ी उतरी उस वक्त जत्थेदार कभी कुछ क्यों नहीं बोले, अब ही इसे धार्मिक मुद्दा बनाया जा रहा है।
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