बरनाला : पानी बचाने में स्वास्थ्य विभाग नहीं दिखा रहा कोई रूचि !

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सुबह 9 बजे से ओवरफ्लो होकर पूरा दिन बर्बाद होता रहा पानी| Negligence

  • सप्ताह में कई बार होती है, हजारों लीटर पानी की बर्बादी : रेहड़ी संचालक

बरनाला(सच कहूँ/जसवीर सिंह)। बेशक्क बरनाला का जिला प्रशासन पानी को (Negligence) बचाने और पानी के गिरते स्तर को रोकने के लिए आम लोगों में जागरूकता पैदा करने का हर संभव प्रयास अपना रहा है परंतु शायद लगता है कि बरनाला के स्वास्थ्य विभाग को पानी बचाने में रत्ती भर भी रूचि नहीं है, जिसकी मिसाल स्थानीय जच्चा बच्चा अस्पताल में मिलती है, जहां शनिवार को सुबह 10 -11 बजे से खबर लिखे जाने तक पूरा दिन पानी ओवरफ्लो होकर निकासी नाले में गिरता रहा।

विभाग के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा इस पानी की बर्बादी को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया। शनिवार सुबह स्थानीय जज्चा बच्चा अस्पताल के पिछले तरफ पानी गिर रहा था जो ‘पंगूड़े’ के आगे से होता हुआ मैन सड़क पर आकर निकासी नाले में व्यर्थ हो रहा था। विभाग के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का बड़ी मात्रा में बेकार हो रहे इस पानी को व्यर्थ होने से रोकने की तरफ कोई ध्यान नहीं जिससे साबित होता है कि पानी का अपमान करने वालों में सेहत विभाग भी पीछे नहीं रहना चाहता।

एसएमओ व सीएमओ ने फोन उठाने की नहीं उठाई जहमत | Negligence

उक्त मामले संबंधी जब एसएमओ डॉ. जतिन्दर कुमार कौंसिल (ज्योति कौंसिल) के साथ उनके मोबाईल पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बार-बार फोन करने के बावजूद फोन नहीं उठाया। इस के अलावा सीएमओ डॉ. जुगल किशोर द्वारा भी अपना मोबाईल उठाने की जहमत नहीं उठाई गई।

  • पक्ष जानने या समस्या को हल करने संबंधी जब सीएमओ या एसएमओ को फोन किया गया
  • उन्होंने फोन उठा कर किसी भी तरह का जवाब देने में भी कोई रूचि नहीं दिखाई।
  • मैन सड़क पर रेहड़ी संचालकों ने अपना नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर
  • बताया कि यह पानी सुबह 9-10 बजे का इसी तरह बह रहा है,
  • जिसे बचाने के लिए अस्पताल के अधिकारी या कर्मचारी द्वारा अपनी कोई भी जिम्मेदारी नहीं समझी गई।
  • उन्होंने यह भी बताया कि हफ़्ते में ऐसा कई बार होता है
  • जब बड़ी मात्रा में हजारों लीटर पानी इसी तरह बेकार हो जाता है।
  • समाचार लिखे जाने तक टंकी के ओवरफलो होने से पानी उसी तरह निकासी नाले में बह रहा था,
  • जिस की तरफ किसी भी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी ने पूरा दिन बिल्कुल कोई ध्यान नहीं दिया।

उक्त मामले संबंधी डीसी बरनाला तेजप्रताप सिंह फुलका ने कहा कि आपके द्वारा ध्यान में लाने पर ही जच्चा-बच्चा अस्पताल में हो रही पानी की बर्बादी संबंधी पता चला है, जिस संबंधी वह अभी पता करते हैं उन्होंने कहा कि पानी की बर्बादी के लिए जिम्मेदार संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जायेगी उन्होंने पानी बचाने में हर किसी को अपना सहयोग देने के लिए कहा।

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