सौर ऊर्जा से ‘रोशन’ होगा जिला चिकित्सालय

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250 केवीए क्षमता का सौर प्लांट स्थापित करने का कार्य शुरू

श्रीगंगानगर। अब सौर ऊर्जा से श्रीगंगानगर सहित राज्य का हर राजकीय जिला चिकित्सालय रोशन होगा। चिकित्सालय में एसी,कूलर और पंखे सहित अन्य उपकरण चलाने में भारी मात्रा में बिजली खपत होती है। गर्मी के मौसम में तो जिला चिकित्सालय में प्रतिमाह करीब 4500 यूनिट बिजली खपत हो रही है। इसकी एवज में चिकित्सालय प्रबंधन को प्रतिमाह तीन से चार लाख रुपए का भुगतान बिजली बिल की एवज में करना पड़ रहा है।
बिजली की बचत करने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग हर जिला चिकित्सालय में 300 केवीए का सोलर प्लांट लगा रहा है। लेकिन प्लांट स्थापित करने के लिए जिला चिकित्सालय की टॉप मंजिल पर जगह कम पड़ गई। प्लांट लगाने के लिए तीन हजार वर्ग सेंटीमीटर जगह चाहिए।
चेन्नई की कंपनी लगा रही है प्लांट

एक माह में प्लांट स्थापित कर दिया जाएगा चालू

चिकित्सालय के उप-नियंत्रक डॉ. प्रेम बजाज का कहना है कि चेन्नई की कंपनी से श्रीगंगानगर सहित राज्य के हर जिले के जिला चिकित्सालय में सोलर प्लांट लगाने का अनुबंध किया गया है। सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन कर चिकित्सालय को बिजली सप्लाई की जाएगी। चिकित्सालय प्रबंधन को बिजली सस्ती मिलेगी।
जिला चिकित्सालय में 250 केवीए क्षमता का सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित किया जा रहा है। कंपनी से अनुबंध हुआ है कि चिकित्सालय प्रबंधन को प्रतिदिन 3 रुपए 20 पैसे यूनिट बिजली दी जाएगी। बिजली सस्ती मिलने से चिकित्सालय प्रबंधन को काफी आर्थिक लाभ होगा।
-के.एस कामरा, पीएमओ, जिला चिकित्सालय,श्रीगंगानगर।

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