नामचर्चा में शरीरदानी बीरबल दास इन्सां को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
शरीर दानी प्रेमी बीरबल दास इन्सां को दी श्रद्धांजलि
टिब्बी (सच कहूं/अंकित वधवा)। Naamcharcha: डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु न केवल जीते-जी बल्कि अपनी मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा में अमिट निशानी छोड़ जाते हैं। प्रेमी बीरबल दास इन्सां ने अपने पूरे परिवार को पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की प्रेरणानुसार इन्सानित की राह में लगाया तथा मानवता भलाई के कार्यों में अग्रणी रखा। इस दुनिया से जाते समय शरीर दान जैसा महान कार्य कर सदा के लिए अमर हो गए। ऐसे सतगुरु की रूह धन्य कहने के काबिल है।
उक्त शब्द राजस्थान के सच्चे नंमर सेवादार गुरजंट सिंह इन्सां ने शुक्रवार को शरीरदानी बीरबल दास इन्सां निमित्त रखी गई नाम चर्चा के दौरान कहे। टिब्बी क्षेत्र के सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार प्रेमी सुभाष इंसा के चाचा सचखंड वासी शरीरदानी बीरबल दास इन्सां 1 जुन 2026 को अपनी श्वासों रूपी पूंजी पूर्ण कर कुल मालिक के चरणों में जा विराजे थे। प्रेमी बीरबल दास इन्सां ने पूज्य गुरुजी द्वारा चलाई मुहिम 'अमर सेवा' के तहत जीते जी मरणोंपरांत
शरीरदान करने का प्रण लिया था। उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनके शरीर को मेडिकल रिसर्च के लिए दान किया। प्रेमी बीरबल दास इन्सां के निमित अग्रवाल पैलेस टिब्बी में आयोजित नामचर्चा में बड़ी संख्या
में साध संगत, गणमान्य लोगों, रिश्तेदारों व डेरा सच्चा सौदा सेवादारों ने भाग लिया
ब्लाक स्तरीय नाम चर्चा की शुरुआत ब्लॉक प्रेमी सेवक जसवीर इंसा ने पवित्र नारा धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा लगाकर शुरू की विनती का शब्द प्रेमी जसवीर इंसा द्वारा बोला गया इसके बाद कविराज मिलख राज इंसा , जगदेव सिंह, हनुमान, ज्ञान सिंह, रविंद्र सिंह, रामप्रकाश, राजेंद्र कुमार रामपुरिया , गुरजंट सिंह, अंग्रेज सिंह, जगदीश सिंह ने पवित्र ग्रंथो के माध्यम से मनुष्य को उसकी असली मकसद से रूबरू कराया ग्रंथ की सेवा प्रेमी छिंदर सिंह द्वारा की गई इस दौरान शरीर दानी बीरबल दास इन्सां के परिजनों को डेरा सच्चा सौदा कमेटी की तरफ से प्रशस्ति पत्र भी भेंट किया गया।
इस मौके पर डेरा सच्चा सौदा की सच्चे नंमर सेवादार कमेटी सदस्य गुरजंट सिंह इन्सां, मुकेश इंसा, राजेश इंसा ,अशोक इंसा, हरि सिंह इंसा, और परिवार के समस्त सदस्य के अलावा ब्लॉक की सभी कमेटियों के जिम्मेवार भाई-बहन साध संगत और रिश्तेदार भाई बहन मौजूद थे। आखिर में परिवार द्वारा डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए जा रहे मानवता भलाई कार्यों मे 11 हजार रूपए परमार्थ किए।
