परिचर्चा जाट समाज की भावी दिशा तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है: यशपाल मलिक   

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स्वतंत्रता दिवस पर जाट आरक्षण पर संवाद: सामाजिक न्याय की राह और जन जागरण अभियान का हुआ निर्णय

गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)। Ghaziabad: स्वतंत्रता दिवस की पावन बेला पर आयोजित जाट आरक्षण परिचर्चा ने मंडल आयोग की अनुशंसाओं, आरक्षण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान परिस्थितियों पर गहराई से विमर्श किया। वक्ताओं ने समाज की एकजुटता, सामूहिक रणनीति और नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लक्ष्मण सिंह मलिक  ने की, जबकि जगपाल सिंह व सुरेंद्र सिंह लौर मंचासीन रहे। संचालन की जिम्मेदारी  के. पी. एस. दहिया  और प्रमोद श्योराण ने निभाई। Ghaziabad

यशपाल मलिक  प्रमुख संयोजक थे। इस परिचर्चा में जाट समाज से जुड़े अनेक प्रमुख वक्ताओं ने भाग लिया, जिनमें नरेश सिरोही, आशु वर्मा, सतबीर चौधरी, कृष्ण वीर सिरोही, बाबा परमेन्द्र आर्य, ओमबीर वीरवाल, प्रताप चौधरी, मनोज प्रधान, सतीश नेहरा, यतेंद्र तेवतिया, प्रदीप चौधरी, देवेंद्र सहलोत, मनोज सुल्तानपुर, पंचम चौधरी, देवेंद्र मलिक, राजकुमार चौधरी, नरेंद्र चौधरी, लोकेश चौधरी, हरेंद्र चौधरी, मोहन सांगवान, वीरेंद्र ढाका,  आदि जिलों के जाट समाज के गणमान्य नेता रहे।

संयोजक यशपाल मलिक  ने बताया कि यह परिचर्चा जाट समाज की भावी दिशा तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले समय में आरक्षण आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने गोल्डन कैसल पार्टी लॉन के निदेशक  जगवीर चौधरी  का हार्दिक आभार व्यक्त किया। विशेष अंतर्देश में, कार्यक्रम के बाद पूर्व गवर्नर  सत्यपाल मलिक  को श्रद्धांजलि दी गई, जिसके बाद शांति पाठ और मौन धारण कर कार्यक्रम का भावपूर्ण समापन हुआ। Ghaziabad

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