आदेश पर अमल न करने को लेकर राज्यों पर जुमार्ना

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ग्राम न्यायालय स्थापना मामला: (Fine)

नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। उच्चतम न्यायालय ने गांवों के गरीब परिवारों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए ग्राम अदालतों की स्थापना संबंधी आदेश पर अमल न करने को लेकर कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बुधवार को फटकार लगायी और (Fine) जुमार्ना भी लगाया। न्यायमूर्ति एन वी रमन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गैर सरकारी संगठन नेशनल फेडरेशन आॅफ सोसाइटीज फॉर फास्ट जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए असम, चंडीगढ़, गुजरात, हरियाणा, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल पर एक-एक लाख रुपये का जुमार्ना लगाया है।

न्यायालय ने राज्यों को एक महीने में ग्राम न्यायालय के गठन संबंधी अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है।

संसद ने 2008 में कानून पारित किया था, जिसमें जमीनी स्तर पर ग्राम न्यायालय बनाने का प्रावधान था, ताकि लोगों को जल्द न्याय मिल सके। याचिकाकर्ता की ओर से पेश प्रशांत भूषण ने दलील दी थी कि विधि आयोग ने 1986 में अपनी 114वीं रिपोर्ट में समाज के वंचित समुदायों को न्याय दिलाने के लिए ग्राम न्यायालयों की स्थापना की सिफारिश की थी।  याचिका में कहा गया है कि 2008 में संबंधित कानून बनाए जाने के बावजूद 11 राज्यों ने 2009-10 से 2017-18 तक केवल 320 ग्राम न्यायालय अधिसूचित किए।  इनमें 204 में ही काम चल रहा है।

 

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