प्रयागराज विकास प्राधिकरण के पैनल में शामिल हुईं कैराना की दो अधिवक्ता बेटी, हर्ष

कैराना जैसे छोटे कस्बे से निकलकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय सरीखे बड़े कानूनी संस्थान में बनाई पहचान

Published On

कैराना (सच कहूँ/संदीप इन्सां)। Kairana News: कैराना के मोहल्ला खैल खुर्द निवासी स्वर्गीय डॉ. तसनीम अहमद फारूकी की दो होनहार बेटियों एडवोकेट चमन आरा और एडवोकेट शबिस्ता परवीन ने अपनी शैक्षिक योग्यता, कानूनी समझ, मेहनत और लगन के दम पर कैराना ही नहीं, बल्कि पूरे जनपद शामली का नाम रोशन किया है। दोनों को प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में पैनल एडवोकेट नियुक्त किया गया है। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, रिश्तेदारों, परिचितों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है तथा बधाइयों का सिलसिला जारी है।

प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ओर से जारी पत्र के अनुसार, एडवोकेट चमन आरा और एडवोकेट शबिस्ता परवीन को इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्राधिकरण से संबंधित मुकदमों की पैरवी के लिए पैनल में शामिल किया गया है। दोनों अधिवक्ताओं को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना उनकी कानूनी योग्यता, अनुभव, कार्यकुशलता और मुकदमों की प्रभावी पैरवी के प्रति प्राधिकरण के भरोसे को दर्शाता है। चमन आरा और शबिस्ता परवीन ने वकालत के क्षेत्र में अपनी मेहनत और कानूनी ज्ञान के बल पर अलग पहचान बनाई है। विभिन्न महत्वपूर्ण मुकदमों में प्रभावी पैरवी और मजबूत कानूनी दलीलों के माध्यम से दोनों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।

प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अधिवक्ता पैनल में शामिल होना महत्वपूर्ण उपलब्धि

शबिस्ता परवीन और चमन आरा के प्रयागराज विकास प्राधिकरण के पैनल में शामिल होना उनके कानूनी सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। दोनों बहनों की शैक्षिक यात्रा भी प्रेरणादायक रही है। एम. आजाद पब्लिक स्कूल के संस्थापक काजी शादाब ने बताया कि चमन आरा और शबिस्ता परवीन ने प्रारंभिक शिक्षा के बाद कैराना के जैन कन्या इंटर कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद, दोनों ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से एलएलबी की डिग्री हासिल की और कैराना में वकालत शुरू की। लगातार मेहनत, अध्ययन और कानून के प्रति रुचि के चलते उन्होंने अपनी पेशेवर क्षमता को लगातार निखारा।

चमन आरा और शबिस्ता परवीन अपनी सफलता का श्रेय अपने स्वर्गीय पिता डॉ. तस्नीम अहमद फारूकी, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के सहयोग एवं प्रोत्साहन को देती हैं। उनका कहना है कि माता-पिता की दुआओं, शिक्षकों के मार्गदर्शन और लगातार मेहनत ने उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों बहनों की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। कैराना के साथ ही जिला शामली के लोगों ने भी इसे अपने लिए गौरव की बात बताया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह उपलब्धि केवल दो अधिवक्ताओं की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे जिले के लिए सम्मान की बात है।

छोटे कस्बे से निकलकर बड़े कानूनी संस्थान में बनाई पहचान

कैराना जैसे छोटे शहर से निकलकर बड़े कानूनी संस्थान में अपनी पहचान बनाने वाली चमन आरा और शबिस्ता परवीन की सफलता छात्राओं और कानून के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाली युवतियों के लिए प्रेरणादायक है। दोनों ने साबित किया है कि प्रतिभा और मेहनत के बल पर छोटे कस्बों की बेटियां भी देश के बड़े कानूनी मंचों पर अपनी मजबूत पहचान बना सकती हैं। क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई कि एडवोकेट चमन आरा और एडवोकेट शबिस्ता परवीन भविष्य में भी अपनी कानूनी प्रतिभा के माध्यम से सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल करेंगी और कैराना तथा जिला शामली का नाम रोशन करती रहेंगी।

About The Author

Related Posts