उच्च प्राथमिक विद्यालय बन जाता है शाम ढलते ही शराबियों का मयखाना

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निजी गोदाम बनकर रह गई है सरकारी स्कूल की बिल्डिंग | Bulandshahr News

जिम्मेदार कौन?

बुलन्दशहर (सच कहूँ/कपिल देव इन्सां)। Bulandshahr News: औरंगाबाद में सरकारी स्कूल की बिल्डिंग आखिर किस की शह पर निजी कामों के लिए उपयोग में लाई जा रही है? स्कूल का मेन गेट रात को सात आठ बजे तक खुला रहता है। लोगों का सामान उसमें भरा जाता है। सामान भी छोटा मोटा नहीं ठेली बाइक जैसे सामान।

जानकार लोगों का कहना है कि इस स्कूल में रात में शराबियों की महफ़िल जमती है। लोगों का कहना है कि सरकारी बिल्डिंग का दुरुपयोग अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा है। एक व्यक्ति ने ठेली खड़ी कर रहे युवक से पूछताछ की तो उसने कहा कि मैडम की सहमति से ही यहां हम सामान रखते हैं फिर तुम कौन होते हो हमें रोकने टोकने वाले। स्कूल इंचार्ज का फोन रिसीव नहीं हुआ। खण्ड शिक्षा अधिकारी स्कूल की बिल्डिंग के दुरुपयोग की बाबत पूछने पर भड़क गई और फोन रख दिया। Bulandshahr News

बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मी नारायण पाण्डेय ने बताया कि इस संबन्ध में एक विडियो वायरल हुई है। जांच पड़ताल कराई जा रही है। दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्यवाही होगी। Bulandshahr News

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