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वन विभाग की मिलीभगत से प्रतिबंधित शीशम की कटाई का आरोप, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
वन विभाग की मिलीभगत से प्रतिबंधित शीशम की कटाई का आरोप, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
मीरापुर (सच कहूँ/कोमल कुमार)। Mirapur News: क्षेत्र में प्रतिबंधित पेड़ों की अवैध कटाई के मामले लगातार सामने आने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ युवक कथित तौर पर सरकारी शीशम का पेड़ काटकर ले जाने की तैयारी करते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो बाईपास स्थित मैक्स मिलियन के पास एक बाग का बताया जा रहा है।
वायरल वीडियो में एक जागरूक नागरिक युवकों से पेड़ काटने को लेकर सवाल करता नजर आ रहा है। वह युवकों से पूछता है कि सरकारी शीशम का पेड़ क्यों काटा गया। इस पर वीडियो में मौजूद युवक कथित तौर पर एक वनकर्मी का नाम लेते हुए कहते दिखाई दे रहे हैं कि पेड़ को उसके पास लेकर जा रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। लोगों का सवाल है कि यदि पेड़ सरकारी और प्रतिबंधित श्रेणी का है तो उसे काटने की अनुमति किसने दी और कटे हुए पेड़ को वनकर्मी के पास ले जाने की बात वीडियो में क्यों कही जा रही है। इस पूरे मामले ने वन विभाग की निगरानी और कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। कुछ दिन पूर्व भी डिगडेरा के जंगल में एक शीशम का पेड़ कथित रूप से चोरी से काटे जाने की बात सामने आई थी। लगातार सामने आ रहे मामलों के चलते लोग वन विभाग की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं।
मामले में वन क्षेत्र अधिकारी अशोक शर्मा से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में वन विभाग की ओर से इस मामले पर आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका।
हालांकि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना यह है कि वन विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर पेड़ काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई करता है या नहीं और वीडियो में सामने आए वनकर्मी के कथित संदर्भ की भी जांच की जाती है या नहीं।