उत्तर प्रदेश: पीएम ने किया 9 मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन

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सिद्धार्थनगर (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश में सिद्धार्थनगर सहित नौ जिलों में एक एक मेडिकल कालेज का उद्घाटन किया। उत्तर प्रदेश के एक दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचने के बाद मोदी ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख भाई मंडाविया की मौजूदगी में नौ विभिन्न जिलों में स्थित इन मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया। ये कालेज 2329 करोड़ रुपये की लागत से सिद्धार्थनगर, एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, देवरिया, गाजीपुर, मिजार्पुर, फतेहपुर एवं जौनपुर जिलों में बनाये गये हैं। इसके लिये आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने रिमोट कंट्रोल से सभी नौ जिलों में मेडिकल कालेजों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज के लोकार्पण के बाद अब लोगों को अपने जिलों में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में यूपी ने रचा इतिहास

 भगवान बुद्ध की क्रीड़ास्थली सिद्धार्थनगर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोमवार को नौ नये मेडिकल कालेजों का लोकार्पण होने के साथ उत्तर प्रदेश ने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक नये युग की शुरूआत कर दी है। उत्तर प्रदेश को आज देश के पहले ऐसे राज्य का तमगा मिला है जहां एक दिन में नौ नये मेडिकल कालेजों का उदघाटन हुआ है। दूसरे राज्यों के लिये नजीर पेश करते हुये यूपी ने एक ही दिन में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एमबीबीएस की 900 सीटों और 3000 बिस्तर से अधिक क्षमता के अस्पतालों का निर्माण कर ऊंची छलांग लगायी है। इसका श्रेय पूरी तरह उत्तर प्रदेश की मौजूदा योगी सरकार को जाता है जिसने चिकित्सा स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिये एक कार्ययोजना बनाकर काम किया। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में गिनती के मेडिकल कॉलेज थे जबकि साढ़े चार सालों में नए मेडिकल कॉलेजों से यूपी नया रिकॉर्ड बनाने की राह पर है।

श्री मोदी ने आज सिद्धार्थनगर, देवरिया, एटा, हरदोई, गाजीपुर, मीरजापुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर और जौनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया। इन मेडिकल कॉलेजों में 300 या उससे अधिक बेड के सभी संसाधनयुक्त अस्पताल होंगे और सभी जगह इसी सत्र से नीट के जरिये एमबीबीएस की 100-100 सीटों पर प्रवेश भी शुरू हो जाएगा। इससे अब तक पिछड़े समझे जाने वाले जिलों पर ही बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी और आगामी कुछ सालों में चिकित्सकों की फौज भी खड़ी हो जाएगी।

यहां के लोगों को लखनऊ की भागदौड़ करनी पड़ती थी

सिद्धार्थनगर जिले का शुमार पूरब की तराई बेल्ट में होता है। जलवायु ऐसी है कि वायरस और बैक्टीरिया जनित रोग यहां ज्यादा पनपते हैं। योगी सरकार के समन्वित प्रयासों से काबू में आने से पहले इंसेफेलाइटिस से यहां हर साल बड़ी संख्या में मासूमों की मौतें होती थीं। गर्मी और बरसात के मौसम में कॉलरा और डायरिया के भी अधिक मरीज सामने आते थे। इलाज के लिए यहां के लोगों को गोरखपुर-बस्ती के मेडिकल कॉलेज या फिर लखनऊ की भागदौड़ करनी पड़ती थी। सिद्धार्थनगर में ही राजकीय मेडिकल कॉलेज बन गया है, अब उन्हें यहीं पर बेहतरीन इलाज मिल जाएगा। न सिर्फ बीमारियों बल्कि दुर्घटना की दशा में भी त्वरित इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस मेडिकल कॉलेज से पड़ोसी जिलों बलरामपुर, महराजगंज और पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल के लोगों को भी बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

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