5जी और जियोमार्ट कारोबार विस्तार का रास्ता खुला

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जियो प्लेटफॉर्म्स ने भरी रिलायंस की झोली

नई दिल्ली (एजेंसी)। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के मालिक मुकेश अंबानी ने समूह को मार्च 2021 तक ऋणमुक्त करने का जब ऐलान किया तो शायद यह आभास किसी को नहीं रहा होगा कि कोरोना वायरस का कहर इतना विकराल होगा किंतु इस माहौल के बावजूद कंपनी के कुशाग्र रणनीतिकारों ने जियो प्लेटफॉर्म्स में जिस चतुराई से निवेश का खाका तैयार किया, उस वजह से दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस की कर्जमुक्ति में दुधारू गाय साबित हो रहा है। कोरोना की वैश्विक महासंकट की चुनौती के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश का सिलसिला विश्व की सोशल नेटवर्किंग क्षेत्र की अग्रणी फेसबुक के साथ शुरू हुआ और नौ निवेशकों ने 54 दिन की छोटी सी अवधि में 104326.95 करोड़ रुपए का निवेश कर रिलायंस की झोली भर दी है।

Reliance Rights Issue

104326.95 करोड़ रुपए निवेश का ऐलान

कुल मिलाकर जियो प्लेटफॉर्म्स में नौ निवेशकों ने दस निवेश प्रस्तावों के जरिए 22.38 प्रतिशत इक्विटी के लिए कुल 104326.95 करोड़ रुपए निवेश का ऐलान किया है। इसमें सिल्वर लेक के दो निवेश प्रस्ताव हैं। इतनी राशि के निवेश के बावजूद जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी इकाई बनी रहेगी। शनिवार को ही दो निवेशकों ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट फर्म टीपीजी और एल केटरटन ने निवेश की घोषणा की।

टीपीजी, जियो प्लेटफॉर्म में 4,546.80 करोड़ रुपए 0.93 प्रतिशत इक्विटी के लिए निवेश करेगी। इसके अलावा एल केटरटन ने 0.39 प्रतिशत के लिए 1894.50 करोड़ के निवेश का ऐलान किया। दोनों कंपनियो का जियो प्लेटफॉर्म में निवेश इक्विटी वैल्यू 4.91 लाख करोड़ रुपए और एंटरप्राइज वैल्यू 5.16 लाख करोड़ रुपए पर हुआ है।

 

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