दिल्ली एनसीआर सहित कई राज्यों में भूकंप के तेज झटके

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नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित देश के कई राज्यों में मंगलवार रात करीब 10.18 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किये गए। प्राप्त रिपोर्टों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में रात में दो बार भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग भय के कारण अपने घरों से बाहर निकल आये। भूकंप के झटके दिल्ली के आसपास के इलाकों के अलावा हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.6 मापी गयी हैं।

ऐसी रिपोर्ट हैं कि भूकंप के झटके कजाखस्तान, तुर्कमेनिस्तान, पाकिस्तान, तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान और अफगानिस्तान में भूकंप के तेज झटके महसूस किये हैं। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में हिंदुकुश में होना बताया गया है।

भूकंप के दौरान ऐसा करने से बचें | Earthquake

  • – भूकंप के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
  • – बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
  • – कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं।
  • – अगर गाड़ी या कोई भी वाहन चला रहे हो तो उसे फौरन रोक दें।
  • – वाहन चला रहे हैं तो पुल से दूर सड़क के किनारे गाड़ी रोक लें।
  • – भूकंप आने पर तुरंत सुरक्षित और खुले मैदान में जाएं।
  • – भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे आदि ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं।

क्या होता है रिक्टर स्केल

भूकंप के समय भूमि में हुई कंपन को रिक्टर स्केल या मैग्नीट्यूड कहा जाता है। रिक्टर स्केल का पूरा नाम रिक्टर परिणाम परीक्षण ( रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल ) है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर जितनी ज्यादा होती है, भूमि में उतना ही अधिक कंपन होता है। जैसे-जैसे भूकंप की तीव्रता बढ़ती है नुकसान भी ज्यादा होता है। जैसे रिक्टर स्केल पर 8 की तीव्रता वाला भूकंप ज्यादा नुकसान करेगा। वहीं 3 या 4 की तीव्रता वाला भूकंप हल्का होगा।

भूकंप की तीव्रता के हिसाब से क्‍या हो सकता है असर

  •  0 से 1.9 की तीव्रता वाले भूकंप का पता सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही चलता है।
  •  2 से 2.9 की तीव्रता वाले भूकंप से सिर्फ हल्की कंपन होती है।
  •  3 से 3.9 की तीव्रता वाले भूकंप के दैरान ऐसा लगता की कोई ट्रक आपके बगल से गुजरा हो।
  •  4 से 4.9 की तीव्रता वाला भूकंप खिड़कियां तोड़ सकता हैं।
  •  5 से 5.9 की तीव्रता पर घर का सामान हिल सकता है।
  •  6 से 6.9 की तीव्रता वाले भूकंप से इमारतों की नींव में दरार आ सकती है।
  •  7 से 7.9 की तीव्रता वाला भूकंप इमारतों को गिरा सकता है।
  •  8 से 8.9 की तीव्रता वाला भूकंप आने पर बड़े पुल भी गिर सकते हैं।
  •  9 से ज्यादा की तीव्रता वाले भूकंप पूरी तरह से तबाही मचा सकते हैं।
  • अगर समंदर नजदीक हो तो सुनामी भी आ सकती है।

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