लोकसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित, शोरशराबे में 30 घंटे हुए बर्बाद

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19 बैठकों में 71 घंटे हुआ कामकाज, चर्चा में पारित हुए 14 विधेयक

नई दिल्ली। लोकसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस सत्र में 19 बैठकों में करीब 71 घंटे काम हुआ और सदन ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (पीपीपी) विधेयक, 2017, कंपनी संशोधन विधेयक, 2016 जैसे कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों समेत 14 विधेयक पारित किए।

वहीं सत्र में सदस्यों के व्यवधान के कारण कामकाज के करीब 30 घंटे बर्बाद हुए हालांकि सदन ने करीब साढ़े दस घंटे अतिरिक्त काम कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। सत्र में सदन ने देश में कृषि क्षेत्र की स्थिति तथा भीड़ द्वारा पीट कर की गई हत्या की घटनाओं से उत्पन्न स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार अपरान्ह अनिश्चिकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा करते हुए कहा कि 17 जुलाई से शुरु हुए इस सत्र के दौरान 19 बैठकों में करीब 71 घंटे कामकाज हुआ। उन्होंने कहा कि सत्र में व्यवधानों और उनके कारण कार्यवाही स्थगित किए जाने से 29 घंटे 58 मिनट का समय नष्ट हुआ। हालांकि सदन ने 10 घंटे 28 मिनट देर तक बैठकर विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा भी की।

रास: 80 घंटे हुई चर्चा, 9 विधेयक पारित

राज्यसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण करीब 25 घंटे का कामकाज बाधित हुई। इस दौरान जहां हामिद अंसारी का कार्यकाल पूरा होने पर उन्हें विदाई दी गई वहीं शुक्रवार को नए सभापति एम वेंकैया नायडू का स्वागत किया गया।

नायडु ने बताया कि मानसून सत्र 17जुलाई से शुरु हुए सदन में 19 बैंठकें हुर्इं जिनमें 13 विधेयक पेश किए गए। इनमें से नौ महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए और तीन विधेयक वापस लिए गए। सदन में कुल मिलाकर 80 घंटे चर्चा हुई। सदन के दो नए सदस्यों ने भी सदस्यता की शपथ ली, जबकि 10 को विदाई दी गई जिनमें सीताराम एचुरी, दिलीप भाई पांड्या, डी बंदोपाध्याय आदि शामिल हैं।

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