घने कोहरे से सड़क यातायात प्रभावित

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मौसम विभाग के अनुसार आज आसमान में छाए रहेंगे बादल ( Dense Fog)

चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)। हरियाणा में आज कई स्थानों पर घने कोहरे तथा कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन पर असर पड़ा और अगले दो दिनों में इससे राहत की संभावना नहीं है। कई इलाके शनिवार को भी घने कोहरे की चादर में लिपटे रहे जिससे सुबह के वक्त क्षेत्र में धुंध की परत इतनी गहरी रही कि दृश्यता बहुत कम होने से गई। इससे अधिकांश रोडवेज बसें और रेलगाडि?ां अपने गंतव्य पर देरी से पहुंची। जहां जन-जीवन अस्त व्यस्त रहा वहीं पक्षियों को भी ठंड और धुंध के चलते चुग्गा पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ी। राज्य में कल बूंदाबांदी के बाद शनिवार को एक बार फिर घने कोहरे तथा शीतलहर ने दस्तक दी। आज इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा घना कोहरे भरा दिन रहा।

  • पहाड़ों की तरफ से चल रही ठंडी हवाओं से लोगों की कंपकंपी छुटती रही।
  • जिसका जनजीवन पर साफ असर देखने को मिला।
  • दिनभर सूर्य के दर्शन नहीं हुए।
  • ऐसे हालातों में लोग अलाव का सहारा लेते देखे गए।

सभी वाहन अपने गंतव्य तक काफी देरी से पहुंचें

सड़क यातायात पर घने कोहरे का गंभीर प्रभाव पड़ा। सभी वाहन अपने गंतव्य तक काफी देरी से पहुंचें। शनिवार को अधिकत्तम तापमान 17 डिग्री व न्यूनतम तापमान छह डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आद्रता 66 प्रतिशत व हवा की गति आठ किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार मौसम परिवर्तनशील है। जिसके चलते आकाश में बादल छाये रहने के साथ-साथ कोहरा छाने की संभावना जताई जा रही है। सुबह कोहरा इतना ज्यादा था वाहन रेंग-रेंग कर लाइट जलाकर एक दूसरे के पीछे चल रहे थे। कोहरे की हालत यह थी कि शनिवार को दोपहर तक दस फुट दूरी तक वस्तु दिखाई नहीं दे रही थी। दोपहर बाद कोहरा कुछ हलका हुआ।

  • कोहरे तथा ठंड का प्रभाव शिक्षण संस्थानों और सरकारी कार्यालयों में भी देखने को मिला।
  • ठंड तथा कोहरे के कारण लोग देर से घरों से निकले।
  • सरकारी कार्यालयों में पहुंचने वाले कर्मचारी भी कार्यालय में देरी से पहुंच पाए।
  • जिले में पिछले तीन दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

किसानों को सलाह -वे खेतों में हलकी सिंचाई करें

तापमान में गिरावट मोटी फसलों के लिए फायदेमंद, सब्जियों के लिए नुकसानदायक मानी जा रही है । ठंड को गेहूं, चना, सरसों समेत मोटी फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। जबकि बेल वाली सब्जियों के लिए नुकसानदायक बताया जा रहा है। शीत लहर चलने के कारण पड़ रही कड़ाके की ठंड से बेल वाली सब्जियों के झुलसने का खतरा मंडराने लगा है। ठंड के चलते सब्जियों की पैदावार भी प्रभावित हो रही है। पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. यशपाल मलिक ने बताया कि मौसम परिवर्तनशील है। आकाश में बादल छाये रहेंगे। फिलहाल ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। ठंड मोटी फसलों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे खेतों में हलकी सिंचाई करें।

 

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