Hariyali Teej: हरियाली तीज के रंगों में रंगा अक्षरा इंटरनेशनल स्कूल, नन्हे-मुन्नों ने बिखेरी संस्कृति की छटा

अक्षरा इंटरनेशनल स्कूल में हर्षोल्लास से मनाई हरियाली तीज

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पिहोवा (सच कहूँ न्यूज़)। Pehowa News: अक्षरा इंटरनेशनल स्कूल में हरियाली तीज का पर्व हर्षोल्लास, उमंग और भारतीय संस्कृति की जीवंत छटा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने भांगड़ा, गिद्दा, देशभक्ति गीत तथा पंजाबी गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। हरियाली तीज भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। सावन मास में मनाया जाने वाला यह पर्व हरियाली, प्रकृति, प्रेम, सौंदर्य और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को हरियाली तीज के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि यह पर्व हमारी समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के प्रति प्रेम को दर्शाता है तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम की विशेषता बच्चों की रंग-बिरंगी वेशभूषा रही। विद्यार्थियों ने अलग-अलग पारंपरिक परिधानों और आकर्षक रंगों की ड्रेस पहनकर भारतीय संस्कृति की विविधता को प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों में उत्साह, आत्मविश्वास और संस्कारों का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी सभी बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। चेयरपर्सन पूनम काहड़ा  ने कहा कि भारतीय त्योहार केवल उत्सव मनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से परिचित कराया जाता है।

हरियाली तीज प्रकृति के प्रति प्रेम, खुशहाली और पारिवारिक सौहार्द का संदेश देती है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान और गौरव की भावना पैदा करते हैं। एमडी जन्नत काहड़ा ने कहा कि आज के आधुनिक दौर में अपनी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद आवश्यक है। विद्यालय में हरियाली तीज का आयोजन इसी उद्देश्य से किया गया, ताकि बच्चे त्योहारों के पीछे छिपे महत्व को समझें और भारतीय परंपराओं को आत्मसात करें। बच्चों की प्रस्तुतियों ने साबित किया कि हमारी संस्कृति की जड़ें आज भी नई पीढ़ी में मजबूत हैं।

प्रिंसिपल दुर्गेश शर्मा ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और संस्कृति से जोड़ना भी है। हरियाली तीज के आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्व के महत्व, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और हमारी लोक परंपराओं की जानकारी दी गई। भांगड़ा, गिद्दा, देशभक्ति और पंजाबी गीतों की प्रस्तुतियों ने बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखते हैं और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों और शिक्षकों में खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिसर सावन के रंगों और लोक संस्कृति की खुशबू से सराबोर नजर आया। अक्षरा इंटरनेशनल स्कूल का यह आयोजन न केवल मनोरंजन और उत्सव का अवसर बना, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का सुंदर प्रयास भी साबित हुआ।

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Hariyali Teej: हरियाली तीज के रंगों में रंगा अक्षरा इंटरनेशनल स्कूल, नन्हे-मुन्नों ने बिखेरी संस्कृति की छटा

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