MSP Hike: 2026-27 की 14 खरीफ फसलों के लिए केंद्र सरकार ने किया एमएसपी का ऐलान
सूरजमुखी और कपास पर किसानों को बड़ा लाभ
नई दिल्ली। कैबिनेट कमिटी ऑन इकनोमिक अफेयर्स ने आगामी विपणन सत्र 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों को बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने और कृषि आय बढ़ाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया। MSP Hike
सरकार द्वारा घोषित नए एमएसपी के अनुसार सूरजमुखी बीज पर सबसे अधिक वृद्धि की गई है। इसका समर्थन मूल्य बढ़ाकर 8,343 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसी प्रकार कपास के एमएसपी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी करते हुए इसे 8,267 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर इसे 2,441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वहीं बाजरा का एमएसपी बढ़ाकर 2,900 रुपये तथा रागी का समर्थन मूल्य 5,205 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
सरकार ने दलहन फसलों के समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी की है। अरहर का एमएसपी 8,450 रुपये और उड़द का 8,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। तेलहन फसलों में मूंगफली के समर्थन मूल्य में भी वृद्धि की गई है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य किसानों को उनकी उत्पादन लागत पर लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना है, ताकि खेती को अधिक लाभदायक बनाया जा सके। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय वर्ष 2018-19 के बजट में किए गए उस वादे के अनुरूप है, जिसमें फसलों का एमएसपी उत्पादन लागत से कम से कम डेढ़ गुना तय करने की नीति अपनाई गई थी। MSP Hike
सरकारी आंकड़ों के अनुसार किसानों को मूंग की खेती पर सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है। इसके बाद बाजरा, मक्का और अरहर की खेती में किसानों को लागत के मुकाबले बेहतर लाभ प्राप्त होगा। अन्य खरीफ फसलों में भी किसानों को लगभग 50 प्रतिशत तक लाभ मिलने का अनुमान जताया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि एमएसपी में बढ़ोतरी से किसानों की आय बढ़ने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही खरीफ फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। MSP Hike
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