बराड़ खेड़ा व बुआना गांव के बीच साइफन खुलवाने पहुंचा प्रशासनिक अमला
ग्रामीणों के हमले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट और एसडीओ को लगी चोटें
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तहसीलदार की गाड़ी के शीशे भी तोड़े
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किसान ने फांसी लगाकर किया खुदकुशी का प्रयास
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बुआना के ग्रामीणों ने जींद-रोहतक मार्ग पर किनाना गांव में लगाया जाम
जुलाना (सच कहूँ/कर्मबीर)। बराड़ खेड़ा व बुआना गांव के बीच रविवार को दोपहर बाद साइफन खुलवाने गए प्रशासनिक अमले का ग्रामीणों ने विरोध कर दिया और प्रशासनिक अमले पर हमला कर दिया। इस हमले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सिंचाई विभाग के एसडीओ, जुलाना थाना प्रभारी समरदीप व पुलिस कर्मियों को चोटें आईं, जिन्हें जींद के सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया। बिना साइफन खुले ही प्रशासिनक अमला बैरंग लौटा आया। इस बीच एक किसान ने पेड़ पर फांसी का फंदा लगाकर जान देने का प्रयास किया। मगर पुलिस व ग्रामीणों ने उसे बचा लिया। घटना के बाद बुआना के ग्रामीणों ने किनाना गांव में जींद-रोहतक मार्ग पर जाम लगा दिया और कहा कि वह किसी भी हालत में बुआना गांव की और पानी की निकासी नहीं होने देंगे।
बराड़ खेड़ा व बुआना गांव में पिछले दिनों हुई बारिश से खेतों में पानी भरा हुआ है। पानी से किसानों की पक्की पकाई फसल खराब हो गई। ग्रामीण बार-बार प्रशासन से पानी निकाले की गुहार लगा रहे हैं। बराड़ खेड़ा गांव में करीब 400 एकड़ फसल में पानी खड़ा हुआ है। पानी से सैकड़ों एकड़ फसल खराब हो चुकी है। बराड़ खेड़ा गांव के पानी की निकासी बराड़ खेड़ा व बुआना के बीच माइनर के नीचे बनी साइफन के जरिए है। बराड़ खेड़ा व बुआना के बीच पानी की निकासी को लेकर कई बार पंचायत भी हो चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो सका। बराड़ खेड़ा के ग्रामीणों ने प्रशासन से पानी की निकासी के लिए साइफन खुलवाने की मांग की। नायब तहसीलदार दीपक को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट बनाकर प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ बराड़ खेड़ा व बुआना के बीच पहुंचा और साइफन को खुलवाने लगा। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और प्रशासनिक अमले पर हमला कर दिया। इस हमले में नायब तहसीलदार दीपक, सिंचाई विभाग के एसडीओ जितेंद्र, थाना प्रभारी समरजीत व पुलिस कर्मियों को चोटें आई। ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार की गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए। प्रशासनिक अमला बिना साइफन खुलवाएं ही बैरंग लौट आया। चोटें आई अधिकारियों को जींद के सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
बराड़ खेड़ा गांव में खेतों से बरसाती पानी की निकासी करवाने के लिए प्रशासनिक अमला बराड़ खेड़ा व बुआना गांव के बीच माइनर पर रविवार दोपहर बाद पहुंचा। प्रशासन ने साइफन खुलवाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने विरोध कर दिया और प्रशासनिक अमले पर पथराव कर दिया जिसमें ड्यूटी मजिस्ट्रेट सहित कई कर्मचारियों को चोटें आई हैं। घायलों का जींद के सामान्य अस्पताल में उपचार चल रहा है।
दीपक, नायब तहसीलदार एवं ड्यटि मजिस्ट्रेट।
साइफन को खुलवाने के लिए प्रशासनिक अमला गांव बुआना में पहुंचा था। बुआना गांव के एक ग्रामीण ने पेड़ पर लटक कर फांसी लगाने का प्रयास किया। पुलिस और ग्रामीणों ने उसे पेड़ से नीचे उतार लिया। ग्रामीणों ने साइफन को लेकर विरोध किया और ईंट और डंडों से प्रशासनिक अमले पर हमला कर दिया और मेरे साथ भी ग्रामीणों ने हाथापाई की।
समरजीत सिंह, थाना प्रभारी जुलाना।
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