कारोबार शुरू करने का झांसा देकर 400 लोगों को ठगा!

Published On

पैंसिल बनाने की मशीन देकर माल उठाने का मामला

  • नरवाना थाने में पहुंचे सैकड़ों पीड़ित

सच कहूँ/बिन्टू श्योराण, नरवाना। क्षेत्र में कारोबार शुरू करने का झांसा देकर लगभग 400 लोगों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। मामला पैंसिल बनाने की मशीन देकर माल उठाने का है। जिसके तहत मंगलवार को शहर थाना नरवाना में पंजाब व हरियाणा के अलग-अलग शहरों से सैकड़ों लोग एकत्रित हुए और पुलिस प्रशासन के समक्ष कंपनी के मालिक पर कार्रवाई की मांग की। कंपनी के मालिक ने भी एक बार तो पैसे देने की हामी भर ली, लेकिन उसके बाद एक दम से जबाव दे दिया। जिसको लेकर पीड़ितों का गुस्सा फूट पड़ा और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

ऐसे जाल में फंसे लोग

जींद शहर में नरवाना के गांव अमरगढ़ वासी अंकुश नैन पलक आटोमेशन प्राईवेट लिमिटेड नाम से कंपनी चलाता था। जिसके तहत पैंसिल बनाने की मशीन और कच्चा माल दिया जाता था। जिसकी एवज में लाखों रूपए लिए जाते थे। रोजगार के लालच के चलते धीरे-धीरे लोगों का कंपनी से जुड़ाव हुआ। कंपनी द्वारा एक मशीन, चैम्बर, चार हजार पैंसिल, 100 लकड़ी स्टैड़, गम व दो साल की वारंटी का एग्रीमेंट तैयार किया जाता था। एग्रीमेंट के अनुसार कंपनी कच्चा माल देकर पक्का माल यानि पैंसिल लेती थी और उसका हर महीने मुनाफा दिया जाता था। शुरूआत में कंपनी द्वारा मुनाफा दिया गया। जिससे लालचवश या रोजगार के लालच में कंपनी का कारवां बढ़ता गया और सैकड़ों लोग कैंपनी के साथ जुड़कर कार्य करने लगे, लेकिन अचानक कंपनी ने माल उठाना बंद कर दिया और कार्यालय पर भी ताला जड़ दिया। जिसके बाद लोगों ने पुलिस का सहारा लिया।

रोजगार के चक्कर में हुई ठग्गी

हरियाणा व पंजाब के पीड़ित महेन्द्र ढाबी, जगदीश, बलवान, सुमन, राजेश कुमार, अनिल, नरेश, कविता, प्रवीण, कर्ण सिंह, समुन्द्र, महाबीर शर्मा, बीर सिंह, साहिल, अशोक, सुखचैन, दलेल सिंह सहित सैकड़ों ने बताया कि लगभग 6 महीने जींद में अंकुश नैन नाम के युवक ने पलक आटोमेशन प्राईवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई हुई थी। रोजगार के लालच में लोगों ने पैंसिल बनाने की मशीन रखीदी थी।

प्रत्येक शख्स से लिए ढाई लाख रुपये

पीड़ितों ने बताया कि एक-एक आदमी से लगभग ढाई-ढाई लाख रूपए लिए गए थे। जिसके तहत दो साल का एग्रीमेंट हुआ था और कच्चा माल को तैयार करके खरीदना था, लेकिन कंपनी संचालक अंकुश नैन ने कार्यालय को बंद कर दिया। 1 नंबवर से लोगों को प्रोफिट देना बंद कर दिया था और धीरे-धीरे दफ्तर को भी बंद कर दिया। पीड़ितों ने बताया कि इस मामले को लेकर डीसी, एसपी सहित सभी अधिकारियों को शिकायत दी है, लेकिन कोई समस्या का समाधान नहीं हुआ। पीड़ितों ने बताया कि पंजाब व हरियाणा से अनेकों शहरों में पुलिस थाने में शिकायत दी गई है। लोगों ने मांग की है कि उनकी रकम वापिस दिलाई जाए।

क्या कहती है पुलिस

शहर थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह ने बताया कि इस मामले को लेकर कई शहरों में शिकायतें आई हैं। नरवाना में भी लोगों द्वारा शिकायत दी गई है। कंपनी के मालिक से बात की जा रही है और मामले की पूरी जांच करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts