250 बच्चों को पढ़ाने के लिए केवल तीन स्थाई शिक्षक

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गिंदड़ा स्कूल में अध्यापकों की कमी, बच्चों की पढ़ाई हो रही बाधित!

  • मुख्य अध्यापक सहित अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, ड्राइंग, पंजाबी के पद पड़े है खाली

खारियां (सच कहूँ/सुनील कुमार)। एक तरफ जहां सरकारी स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराने के लिए बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी के चलते अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। रानियां खंड के राजकीय उच्च विद्यालय गिंदड़ा (Sirsa News) में भी कमोबेश ऐसी स्थिति बनी हुई है। गिंदड़ा स्कूल में कक्षा छठीं से दसवीं तक करीब 250 विद्यार्थी है और उन्हें पढ़ाने के लिए सिर्फ तीन अध्यापक नियुक्त है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

गांव के भूतपर्व सरपंच रामप्रताप, सरपंच जसवंत घोड़ेला, समाजसेवी विरेन्द्र मलेठिया, दूनीराम, इन्द्रपाल, गुरनेक व अन्य अभिभावकों ने बताया कि राजकीय उच्च विद्यालय गिंदड़ा (Sirsa News)में पिछले वर्ष भी स्थाई अध्यापकों की कमी थी। उस समय ग्रामिणों ने कई बार विद्यालय के आगे धरना प्रदर्शन करने व संबंधित विभाग को बार-बार अवगत करवाने पर विद्यालय को कुछ अस्थाई तौर पर अध्यापक दिए गए। लेकिन शैक्षणिक सत्र पूरा होने के पश्चात आॅनलाईन ट्रांसफर के तहत उनका तबादला कहीं ओर हो गया। जिससे अब बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थाई तौर पर केवल तीन अध्यापक नियुक्त

विद्यालय में अलग-अलग विषयों के 9 पर सेक्शन है। जिनमें केवल 3 अध्यापक ही स्थाई तौर पर नियुक्त है। अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, ड्राइंग, पंजाबी व मुख्याध्यापक सहित 6 पद तथा चौकीदार व सफाई कर्मचारी के 2 अन्य पद अभी भी खाली पड़े हैं। जो विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

नहीं हुआ समाधान तो उठाना पड़ेगा बड़ा कदम

विद्यालय में बच्चों की समस्या के बारे में बताते हुए अभिभावकों व ग्रामिणों ने कहा कि वे इस समस्या के समाधान के लिए पिछले साल व इस नए सत्र में संबंधित विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। विभागीय अधिकारी केवल उन्हें आश्वासन देकर या एक-दो अस्थाई अध्यापक भेजकर पीछा छुटा रहे है। इस बार अगर प्रशासन व सरकार ने उनकी बातों को अनदेखा किया तो मजबूरन उन्हें बच्चों के भविष्य के लिए किसी बड़े स्तर पर धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा।

राजकीय उच्च विद्यालय में अध्यापकों की खाली पड़े पदों के बारे में ग्राम पंचायत गिंदड़ा ने जिला शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश मेहरा को ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवा दिया है। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने पंचायत को आश्वासन दिया है कि वे अगले कुछ ही दिनों में विद्यालय में अध्यापकों की कमी को पूरा करने की कोशिश करेंगे।
   – जसवंत सिंह घोड़ेला, सरपंच गिंदड़ा।

राजकीय उच्च विद्यालय गिंदड़ा में मुख्याध्यापक ना होने के चलते मुझे वहां का अतिरिक्त कार्यभार मिला हुआ है। इस विद्यालय में पिछले साल अध्यापाकों की कमी के चलते ग्रामिणों ने धरना लगाया था। तो अस्थाई तौर पर अध्यापक यहां आए थे जो सत्र पूरा होने पर आॅन लाईन ट्रांसफर के तहत उनका तबादला किसी अन्य स्कूलों में हो गया। इस समस्या के बारे में विद्यालय की ओर से विभाग को अवगत करवा दिया है।
– राजकुमार अरोड़ा, डीडीओ, राजकीय उच्च विद्यालय गिंदड़ा।

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