अब चिंटल्स पैराडिसो का जी-टावर रहने के लिए असुरक्षित

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(Gurugram News) | जिलाधीश ने दिए टावर खाली करने के आदेश

  • डी-टावर में हादसा होने के बाद ई-एफ टावर भी पाए गए थे सुरक्षित
  • अब जी-टावर की भी रिपोर्ट में इसे असुरक्षित करार दिया गया

गुरुग्राम (सच कहूँ/संजय मेहरा)। यहां सेक्टर-109 स्थित चिंटल्स पैराडिसो (Chintels Paradiso) सोसायटी में अब जी-टावर को भी असुरक्षित घोषित किया गया है। आईआईटी दिल्ली द्वारा जारी स्ट्रक्चर ऑडिट रिपोर्ट में टावर-जी को इंसानों के रहने के लिए असुरक्षित बताया गया है। लोगों को जल्द से जल्द टावर खाली करने के निर्देश जिलाधीश की ओर से दिए गए हैं। जिलाधीश एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष निशांत कुमार यादव ने धारा 144 लगाने के साथ-साथ टावर-जी में रहने वाले निवासियों को अगले 15 दिनों के भीतर परिसर खाली करने के आदेश दिए हैं। इस कार्य के लिए डीटीपी (ई) को नोडल अधिकारी एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। (Chintels Paradiso)

इससे पहले डी, ई व एफ टावर असुरक्षित घोषित | (Chintels Paradiso)

टावर-जी से पहले यहां तीन अन्य टावर को भी असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। इसकी शुरूआत हुई थी फरवरी 2022 में डी-टावर के भीतर छत का लेंटर गिरने से। 18 मंजिला डी-टावर की छठी मंजिल से लेंटर गिरने से नीचे तक के लेंटर गिर गए थे। इस हादसे में दो लोगों की मौत हुई थी। काफी विवादों के बीच आईआईटी दिल्ली की टीम ने नवंबर 2022 में टावर-डी की गहनता से जांच करके रिपोर्ट में इसे रहने के लिए असुरक्षित बताया गया था।

रिपोर्ट में कहा गया कि इमारतों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंक्रीट में क्लोराइड की मात्रा अधिक पाई गई है, जिससे निर्माण में इस्तेमाल होने वाला स्टील और कंक्रीट नष्ट हो गया। इस मामले में सीबीआई जांच भी शुरू की गई, जिसमें सीबीआई ने चिंटल्स पैराडिसो के मालिक अशोक सोलोमन के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर की शिकायत पर नया केस गुरुग्राम पुलिस ने भी दर्ज किया। यह केस चिंटल्स के एमडी अजय सोलोमन, स्ट्रक्टर इंजीनियर, डिजाइन कंसल्टेंट समेत सात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया। (Gurugram News)

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