Punjab
ताजेवाला में सीएम फ्लाइंग और विजिलेंस टीम की छापामारी, पंचायती जमीन पर पत्थरों का स्टॉक करने का आरोप
पंचायती जमीन पर अवैध पत्थरों का खुलासा, जांच जारी
प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar News: ताजेवाला क्षेत्र में पंचायती जमीन पर अवैध रूप से पड़े पत्थरों के बड़े स्टॉक को लेकर सीएम फ्लाइंग और विजिलेंस टीम की संयुक्त टीम ने मौके पर छापामारी की। छापेमारी से खनन करने वालो में हड़कंप मचा रहा। कार्रवाई के दौरान टीम को भारी मात्रा में पत्थरों का स्टॉक मिला, जिसके बाद पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है। प्राथमिक जांच में यह मामला पंचायती जमीन पर अवैध खनन और सरकारी कार्यों में चोरी के पत्थरों के इस्तेमाल से जुड़ा माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार ताजेवाला क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पंचायती जमीन पर पत्थरों के अवैध स्टॉक और खनन को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप था कि यहां अवैध रूप से निकाले गए पत्थरों को इकट्ठा कर सिंचाई विभाग के बाढ़ राहत कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को शिकायतें भी भेजी गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष बना हुआ था।
शिकायतों के आधार पर सीएम फ्लाइंग और विजिलेंस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। जांच के दौरान टीम ने पाया कि जमीन पर बड़े स्तर पर पत्थरों का स्टॉक पड़ा हुआ है। टीम ने तुरंत इसकी वीडियोग्राफी और अन्य साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की और पत्थरों के स्रोत से संबंधित जानकारी एकत्रित की।
सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि जिस जमीन पर पत्थर का स्टॉक मिला है, वह पंचायत की है या निजी मलकीयत की। इसी को लेकर जांच टीम ने राजस्व विभाग के पटवारी को मौके पर बुलाया और जमीन की पैमाइश तथा रिकॉर्ड की जांच करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग अब संबंधित खसरा नंबर और रिकॉर्ड के आधार पर यह स्पष्ट करेगा कि जमीन पंचायती है या किसी निजी व्यक्ति के नाम दर्ज है।
सूत्रों के अनुसार यदि जांच में जमीन पंचायती पाई जाती है तो यह मामला सरकारी भूमि के दुरुपयोग और अवैध कब्जे की श्रेणी में आ सकता है। साथ ही अवैध खनन और सरकारी कार्यों में चोरी के पत्थरों के इस्तेमाल को लेकर भी संबंधित विभागों और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन का खेल चल रहा है। रात के समय ताजेवाला के लालटोपी घाट से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के जरिए पत्थरों का परिवहन किया जाता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत भी हो सकती है, जिसके कारण लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हो पाई। हालांकि अब सीएम फ्लाइंग और विजिलेंस की कार्रवाई के बाद लोगों को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर सीएम फ्लाइंग के इंचार्ज राजेश ने बताया कि टीम ने मौके का दौरा किया है और प्राथमिक स्तर पर जांच की गई है। उन्होंने कहा कि मौके पर पत्थरों का भारी स्टॉक मिला है। जमीन की स्थिति स्पष्ट करने के लिए राजस्व विभाग को जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उधर प्रशासनिक हलकों में भी इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो अवैध खनन, सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और विभागीय लापरवाही को लेकर कई लोगों पर गाज गिर सकती है। फिलहाल पूरे मामले पर राजस्व विभाग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। उन्होंने बताया कि मौके पर राजस्व विभाग के पटवारी मनोज कुमार को बुलाया गया था और पैमाईश की प्रक्रिया शुरू की गई है। मौके पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्तिक चौहान,पंचायत अधिकारी विकास कुमार,विजिलेंस से एसडीओ नवीन रंगा,सीएम फ्लाइंग से राजेश कुमार,सरपंच प्रतिनिधि ताजेवाला जाकिर,राजस्व विभाग से पटवारी मनोज कुमार,मनव्वर खान,इमरान,ग्राम सचिव जसवीर खटाना,ग्राम सचिव अब्दुल सत्तार आदि मौजूद रहे।