‘मैं आधुनिक युग की बेटी हूं, मैं आत्मरक्षा में सक्षम हूं’

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साउथ कोरिया ब्लैक बेल्ट सेल्फ डिफेंस कोच रोहतास कुमार ने छात्राओं को दी नि:शुल्क ट्रेनिंग

  • राजकीय कन्या उच्च विद्यालय की छात्राओं ने सीखे सेल्फ डिफेंस के गुर

हिसार (सच कहूँ न्यूज)। राजकीय उच्च विद्यालय मुकलान में स्कूल की छात्राओं के लिए आत्मरक्षा शिविर का आयोजन किया गया जिसमें स्कूल की अध्यापिकाओं सहित लगभग 70 छात्राओं ने हिस्सा लिया। कैंप में साउथ कोरिया ब्लैक बेल्ट एवं इंडियन बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कोच रोहतास कुमार ने छात्राओं व शिक्षिकाओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग नि:शुल्कप्रदान की। ट्रेनिंग के बाद छात्राओं का आत्मविश्वास मजबूत हुआ तथा उनके चेहरों पर यही भाव थे कि ‘मैं आधुनिक युग की बेटी हूं, मैं खुद की रक्षा में सक्षम हूं।’

कोच रोहतास कुमार ने छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में खुद का बचाव करने के अनेक गुर सिखाए। उन्होंने बताया कि ऐसे हालात में बिल्कुल भी न घबराएं और खुद को उस परिस्थिति पर पूरी तरह से काबू पाने में सक्षम मानते हुए सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग को आजमाएं तो असामाजिक तत्व आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। उन्होंने आत्मारक्षा की तकनीकों आंखों पर वार करना, गले पर वार, कलाई पर वार सहित खुद को दुपट्टे का हथियार के रुप में कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं इस बारे में बारीकी से बताया। अध्यापिका संजना पीटीआई व सुशीला हिंन्दी अध्यापिका, निर्मला संस्कृत अध्यापिका के साथ अन्य शिक्षिकाओं ने भी इस कैंप में भाग लिया।

इस अवसर पर उपस्थित समाज सेविका निशा गुप्ता ने कहा कि सेल्फ डिफेंस कोच रोहतास कुमार ने लड़कियों व महिलाओं के साथ लगातार हो रही अमानवीय घटनाओं को देखते हुए उन्होंने देश की महिलाओं को आत्मरक्षा में सशक्त, निपुण व आत्मनिर्भर बनाने का बीड़ा उठाया है जिसके तहत वे लाखों लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की नि:शुल्क ट्रेनिंग दे चुके हैं। आज के दौर में महिलाएं स्वयं को हर जगह असुरक्षित महसूस करती हैं। ऐसे में सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग उनके लिए एक ऐसा मजबूत जरिया है जो उन्हें पूरे आत्मविश्वास के साथ हर तरह से आत्मनिर्भर बनाने में सक्षम है। इसलिए हर महिला को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग जरुर लेनी चाहिए। सेल्फ डिफेंस की नि:शुल्क ट्रेनिंग के लिए उनसे संपर्क किया जा सकता है।

स्कूल प्रधानचार्या ऊषा अत्री ने कहा कि इन तकनीकों से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और महिलाएं खुद पर होने वाले असामाजिक तत्वों के हमले से बच सकती हैं। उन्होंने कहा कि समय-सयम पर ऐसे कैंप आयोजित किए जाने चाहिएं ताकि हमारी बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और उनका आत्मविश्वास मजबूत हो। कैंप के दौरान सुमन बैनीवाल ने स्वास्थय संबंधी जानकारियां मुहैया करवाई व अनिल पूनिया ने आहार संबंधी जानकारी दी।

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