संत कबीर के दोहों में समुद्र जैसी गहराई, उनके विचारों को आदर्श मानकर जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है – दीपेन्द्र हुड्डा

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खरखौदा (सच कहूं/हेमंत कुमार)। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा (Deepender Hooda) ने गाँव गोरड़ में निःस्वार्थ कबीर सेवा समिति द्वारा आयोजित संत कबीर जयंती महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। दीपेन्द्र हुड्डा ने भव्य महोत्सव के आयोजन की बधाई देते हुए संत कबीर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि 15वीं शताब्दी में उनकी वाणी के हर शब्द आज तक सुनाई देते हैं। उनके आदर्श, उनकी वाणी का प्रकाश हमारे समाज को हमेशा रास्ता दिखाने का काम करेगा। Kharkhoda News

कबीरदासजी के प्रसिद्ध दोहे ‘जाति न पूछो साधु की, पूछ लिजिए ज्ञान, मोल करो तरवार का, पड़ा रहन दो म्यान’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संत कबीर के दोहों में समुद्र जैसी गहराई है, उनके विचारों उनके दोहों को आदर्श मानकर जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है। भगवान् ने कहा है कि हर जाति में अच्छे-बुरे हर तरह के इंसान मिलेंगे लेकिन संत कबीर ने उपदेश दिया कि हर मनुष्य के कर्म देखो, उसके ज्ञान को देखो। Kharkhoda News

सांसद दीपेन्द्र ने “कबीरा खड़ा बाजार में मांगे सबकी खैर ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सर्वविदित सत्य है कि हर व्यक्ति बराबर है। मनुष्य ने ही जाति-पाति, धर्म का भेदभाव किया लेकिन भगवान् ने कोई फर्क नहीं किया। समानता के पक्षधर कबीरदास जी ने सिखाया कि मनुष्य-मनुष्य में भेद नहीं किया जा सकता। आज जब हम किसी अस्पताल में जाते हैं और खून की जरुरत पड़ती है तो किस जाति का खून है ये नहीं देखा जाता। जब भगवान् ने इंसान में फर्क नहीं किया तो फर्क करने वाले हम कौन होते हैं। वास्तव में संत कबीर एक इंसान थे जो हर इंसान की कदर करते थे, उनके दोहे आज भी हम सब के लिए प्रासंगिक हैं। संत कबीर के विचार सदा हम सबके मार्गदर्शक बने रहेंगे। Kharkhoda News

इस अवसर पर प्रमुख रूप से विधायक इंदुराज नरवाल, पूर्व विधायक जयवीर बाल्मिकी, पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार, पूर्व विधायक पदम सिंह दहिया, सुरेंद्र शर्मा, जोगेंद्र दहिया, मनोज रिढाऊ, मनोज बागड़ी, जयदीप धनखड़, जोगेंद्र आंतिल, जितेंद्र जांगड़ा, शमशेर सिलाना, संजय बड़वासनी, रमेश चेयरमैन, सुषमा पार्षद, अंजू बाला खटक, दयानंद बाल्मिकी, भोला पहलवान, अंकित दहिया, बिजेंद्र गोखी, जंगशेर नूरानखेड़ा, अनूप मालिक, रवि इंदौरा, अनूप मालिक, परमेंद्र

जोली, राजमल चहल, अनुज जैन, मास्टर जयभगवान, नरेंद्र हुडा, भानु प्रधान, विजय देशवाल, कृष्ण प्रधान, प्रदीप नागर, राकेश सौदा, वेद प्रधान, अंजू पवन प्रधान, धर्मेंद्र मलिक, मीना धनखड़, सतपाल दहिया, बलबीर चौकीदार, रवींद्र रविदास, अजय प्रधान, अनुज छाबड़ा, दीपक बाल्मिकी, ऋतुराज प्रधान, सुनील, सिल्क राम पंडित, अर्जुन तोमर, समुद्र हुडा सहित कबीर दास समाज के सभी पदाधिकारीगण व बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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