पदकों के लिए फिर फड़कने लगी हरियाणवीं बाजुएं

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यूथ गेम्स-2021 की मेजबानी से उत्साहित हैं प्रशिक्षक व खिलाड़ी

सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा। खेलों में हरियाणा के विशिष्ट योगदान के चलते इस बार केंद्र सरकार की ओर से खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2021 की मेजबानी हरियाणा की झोली में डालने के निर्णय के बाद से ही हरियाणाभर के खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों की बाजुएं फिर सर्वाधिक पदक हरियाणा के नाम करने के लिए फड़कने लगी हैं। काबिले जिक्र है कि हरियाणा की खेल क्षमता व दक्षता के दृष्टिगत केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्रालय ने ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2021’ के चौथे संस्करण का आयोजन पंचकूला में करने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार के इस निर्णय की घोषणा होते ही हरियाणा के खिलाड़ियों में एक नया उत्साह और उमंग पाई जा रही है और इन मुकाबलों में अधिकाधिक पदक प्राप्ति के लिए अब पहले से कहीं ज्यादा पसीना बहाने का संकल्प लिए हुए हैं। खेल व खिलाड़ियों के उत्साहवर्द्धन को लेकर दैनिक सवेरा ने खेलों से जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों व प्रशिक्षकों से बात की।

प्रतियोगिता तक ज्यादा प्रशिक्षकों की नियुक्ति करे सरकार

इस कड़ी में बॉक्सिंग प्रशिक्षक राहुल शर्मा कहते हैं कि हरियाणा को खेलों की मेजबानी मिलना बेहद उत्साहवर्द्धक है क्योंकि अब हरियाणवीं खिलाड़ी अपनी ही भूमि और अपने ही लोगों के बीच श्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। वे कहते हैं कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन के दौरान खिलाडिय़ों के लिए नवीन आधारभूत संसाधन उपलब्ध होंगे और उन्हें अपना प्रदर्शन करने के लिए एक बेहतर मंच मिलेगा। हालांकि इस दौरान बॉक्सिंग कोच राहुल शर्मा ने यह भी कहा कि कोविड-19 के चलते अधिकांश खिलाड़ी अपने घरों में ही अभ्यास करने को मजबूर हैं, मगर दो गज की सावधानी रखते हुए यदि हरियाणा सरकार सभी खेलों के कुछ अन्य पात्र प्रशिक्षकों की यूथ गेम्स तक प्रशिक्षण के लिए नियुक्ति करे तो वे दस-दस खिलाड़ियायों पर पूर्ण ध्यान देते हुए उनकी प्रतिभा को और अधिक निखार सकते हैं जिसके प्रतियोगिता में सुखदायी परिणाम हासिल होंगे।

वरदान से कम नहीं खेलों की मेजबानी

सरसा बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव पंकज खेमका ने यूथ गेम्स की मेजबानी को हरियाणा के खिलाडिय़ों के लिए किसी वरदान से कम नहीं बताया। खेमका कहते हैं कि उनके बैडमिंटन के खिलाड़ी अभी भी दिन रात पूरा अभ्यास कर रहे हैं और 2021 तक उनके पास कुछ समय और है जिसके लिए वे बेहतर तैयारी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वैसे भी खेलों में हरियाणा का एकछत्र राज है और ये खेल प्रतियोगिताएं ही ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नवीन प्रतिभाओं को मंच प्रदान करती हैं। राष्ट्रीय खेलों से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए
अंतरराष्ट्रीय खेलों की डगर तय होती है। खेमका ने कहा कि सरसा में सरसा क्लब और द सरसा स्कूल में अकादमी के माध्यम से बैडमिंटन खिलाड़ियों को निखारने का काम जारी है।

पदकों की अंक तालिका में हरियाणा रहेगा अव्वल: सीमा छोकर

महिला जूडो प्रशिक्षक सीमा छोकर कहती है कि इस समय हरियाणा को एक बड़े खेल आयोजन की परम आवश्यकता थी जो पूरी हुई है। इस प्रतियोगिता से निश्चित ही खेल व खिलाडिय़ों को नई ऊंचाईयां मिलेंगी। वे कहती हैं कि वर्ष 2018 में गुवाहाटी में इसी प्रतियोगिता के आयोजन के समय हरियाणा ने 200 पदक हासिल कर पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल किया था। अब चूंकि ये खेल मुकाबले हरियाणा में ही हैं तो निश्चित ही इस बात का प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष लाभ हरियाणा के खिलाड़ियों को ही मिलेगा और उम्मीद की जा सकती है कि इस बार पदकों की अंक तालिका में हरियाणा अव्वल होगा।

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