Punjab
हरियाणा में स्कूलों-अस्पतालों के ऊपर से गुजर रही खतरनाक बिजली लाइनें होंगी शिफ्ट, ऊर्जा मंत्री अनिल विज के सख्त निर्देश
बिजली सुरक्षा पर सख्त हुई सरकार, स्कूलों-अस्पतालों के ऊपर से हटेंगी हाई वोल्टेज लाइनें
अम्बाला (सच कहूँ न्यूज़)। Anil Vij ने प्रदेश में स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों के ऊपर से गुजर रही खतरनाक बिजली लाइनों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी बिजली लाइनों को चरणबद्ध तरीके से जल्द शिफ्ट किया जाए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
विशेष सैल का किया गया गठन
ऊर्जा मंत्री ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में एक विशेष सैल बनाने के निर्देश दिए हैं।
यह सैल:
बिजली लाइनों की शिफ्टिंग की निगरानी करेगा
हर 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट देगा
समयबद्ध तरीके से काम पूरा करवाएगा
⚡ 33 केवी की 21 लाइनें पहले ही शिफ्ट
ऊर्जा विभाग के अनुसार:
33 केवी बिजली लाइनों के लिए 27 स्थान चिन्हित किए गए थे
सभी कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है
इनमें से 21 लाइनें (77.8%) शिफ्ट की जा चुकी हैं
बाकी 6 लाइनों पर तेजी से काम जारी है
🏫 11 केवी की 1116 लाइनें भी हटाई गईं
स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों के ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइनों के लिए:
कुल 1299 स्थानों की पहचान की गई
1116 लाइनें (85.9%) सफलतापूर्वक शिफ्ट हो चुकी हैं
183 स्थानों पर कार्य अभी जारी है
बिजली कटौती को लेकर सख्त आदेश
Anil Vij ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि:
शहरी क्षेत्रों में 2 घंटे से ज्यादा बिजली बाधित न हो
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम 4 घंटे तक ही कट लगे
अगर तय समय से ज्यादा बिजली बाधित रहती है, तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में निलंबन तक हो सकता है।
मेंटेनेंस स्टाफ को दिए जरूरी निर्देश
ऊर्जा मंत्री ने ट्रांसफार्मर बदलने और मरम्मत कार्यों को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि:
स्टाफ के पास सभी जरूरी उपकरण हों
सुरक्षा साधन उपलब्ध हों
ट्रांसफार्मर ट्रॉली की व्यवस्था हो
ताकि तकनीकी खराबियों को जल्दी ठीक किया जा सके।
जलभराव वाले क्षेत्रों में नहीं बनेंगे सब-स्टेशन
भविष्य में बनने वाले बिजली सब-स्टेशनों को लेकर भी सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है।
निर्देशों के अनुसार:
सब-स्टेशन जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर बनाए जाएं
यदि ऐसा संभव न हो, तो उन्हें संभावित जलस्तर से कम से कम 2 फीट ऊंचाई पर बनाया जाए
इसके लिए संबंधित विभाग से NOC लेना अनिवार्य होगा
सुरक्षा और बेहतर बिजली व्यवस्था पर फोकस
हरियाणा सरकार का यह कदम स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों में सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ बेहतर बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे भविष्य में हादसों के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी