Body Donation: पूर्ण हुआ प्रण, कुकड़ावाली की माता सरती देवी इन्सां मरणोंपरांत बनी मानवता की मिसाल
यूपी के इंस्टिट्यूट में विद्यार्थी करेंगे पार्थिव देह पर रिसर्च
Body Donation: कुकड़ावाली (सच कहूँ/मोहर सिंह)। गांव कुकड़ावाली निवासी 99 वर्षीय माता सरती देवी इन्सां, पत्नी सचखंडवासी रामकुमार को देहदान कर मानवता की सेवा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत हुआ। माता का पार्थिव शरीर जवितरी इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक मेडिकल साइंस, कनकाहा, मोहनगंज, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) को दान किया गया। माता सरती देवी इन्सां, सच्चे नम्र सेवादार वेदप्रकाश इन्सां की माता थीं। Sirsa News
परिजनों ने बताया कि वर्ष 1954 में जब पूजनीय शाह मस्ताना जी महाराज ने गांव कुकड़ावाली में सत्संग किया था, उसी दौरान माता जी ने नाम की अनमोल दात प्राप्त की थी और अंतिम सांस तक सतगुरु के चरणों में पूर्ण निष्ठा के साथ जीवन व्यतीत किया। वेदप्रकाश इन्सां ने जानकारी दी कि माता जी ने स्वयं देहदान हेतु फॉर्म भरकर यह संकल्प लिया था। माता जी के देहदान के समय ह्यशरीर दान महादानह्ण, ह्यमाता अमर रहेह्ण जैसे नारों के साथ उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। यह क्षेत्र का पहला देहदान बताया जा रहा है, जिससे समाज में नई जागरूकता का संचार हुआ।

माता जी के परिवार में तीन पुत्र सचखंडवासी जसवंत सिंह, महेश कुमार एवं सच्चे नाम सेवादार वेदप्रकाश इन्सां शामिल हैं। पुत्रियों में कृष्णा, सयोगिता, विद्या, तारा, संतोष, गमेश, नीना हैं। पोतों में प्रकाश, विजेश, संदीप, नितिन तथा पड़पोते जिहान, गर्व, पोलटू, मनु, गौरज शामिल हैं।
इस अवसर पर भाई बंताराम, सच्चे नम्र सेवादार राजकुमार कामरा, कपिल नारंग, हरदीप, अमरचंद माजरा, विकास, उत्तम चंद (रतिया), बबरू भान (भट्टू), अनिल, दिनेश, ईश्वर सेवा राम, रोहताश एम.पी., रोही, जगजीत सिंह, बहनें कांता, मुन्नी, बिमला, ऊषा चोपड़ा (रतिया), सुखदेव, बलराज, सुनील, राजकुमार, चौखे लाल, जयचंद, साजन (भूना), मांगत, नरेश, हरभगवान, प्रेम ठेकेदार, विजेंद्र, लछमन अरोड़ा (फतेहाबाद), रमेश नागपाल, संतलाल मेहता, केवल कृष्ण, हंस राज चौधरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। Sirsa News