छह चलती बाईक को रोककर स्टील मैन बिजेंद्र ने फिर बनाया रिकॉर्ड

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आईईए बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम करवाया दर्ज

युवा पीढ़ी नशे की गर्त में फंसी तो विकसित समाज और समृद्ध राष्ट्र की कल्पना करना बेमानी : बिजेंद्र

भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश )। नशा नाश की जड़ है। नशे की गर्त में फंसकर लोग न केवल वर्तमान, बल्कि अपना भविष्य भी खराब कर लेते हैं। खासकर युवा पीढ़ी का नशाखोरी की ओर बढ़ना समाज के लिए सबसे ज्यादा घातक है। जब नई और युवा पीढ़ी ही नशे की गर्त में फंस जाएगी तो विकसित समाज और समृद्ध राष्ट्र की कल्पना करना बेमानी है। यह बात नेहरू युवा केन्द्र भिवानी खेल मंत्रालय भारत सरकार से संबंधित अखिल भारतीय युवा जनकल्याण संगठन के अध्यक्ष पहलवान बिजेंद्र सिंह ने स्थानीय मिनी बाईपास स्थित एक रिजोर्ट में अपने 25वें शक्ति प्रदर्शन के दौरान कही। बता दें कि पहलवान बिजेंद्र सिंह ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव बताने के उद्देश्य से नशा मुक्त भारत अभियान चलाया हुआ है। इसी कड़ी में उन्होंने 25वें शक्ति प्रदर्शन के तहत उन्होंने चलती हुई छह बाईकों को एक साथ रोका। जिसमें उन्होंने एक समय में ही एक बाईक को दांतों से, एक पेट से, दो पैरोंं से तथा दो बाईक को हाथों से रोका तथा आईईए बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में एक बार फिर से अपना नाम दर्ज करवाया। इस मौके पर पहलवान बिजेंद्र सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ युवाओं को ये बताना है कि वे नशे से दूर रहकर अपने आप को ताकतवर बना सकते हैं।

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