ब्राह्मण समाज को दान दी जमीन वापिस लेने के मामले ने राजनैतिक रंग पकड़ा

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बीजेपी-जेजेपी पर कांग्रेस का आरोप-सरकार ने दिखाई ब्राह्मण विरोधी मानसिकता (Brahmin Society)

चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़/सच कहूँ)। 2010 में कांग्रेस सरकार द्वारा एक समुदाय विशेष को दी जमीन को मौजूदा सरकार द्वारा वापिस लिए जाने के कथित फैसले ने प्रदेश की राजनीति गर्मा दी है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर बीजेपी-जेजेपी सरकार को घेरते हुए उन्हें ब्राह्मण विरोधी मानसिकता वली सरकार करार दिया है। कांग्रेसी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बताया कि वर्ष 2010 में कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने कानून बना कर ब्राह्मण समुदाय के लोगों को जमीन का मालिकाना हक दिया गया था।

16 मार्च 2010 को उन्होंने बतौर मंत्री यह महत्वपूर्ण बिल ड्राफ्ट कर हरियाणा विधानसभा में पेश किया था, जिससे 37,836 धौलेदार और 3838 भोंडेदार क्रमश: 14,187 एकड़ और 5 हजार से ज्यादा एकड़ जमीन के मालिक बन गए थे। लेकिन भाजपा-जजपा सरकार ब्राह्मण समुदाय के प्रति दुर्भावनाओं के चलते उनको उन्हीं की जमीनों से बेदखल कर लगभग पचास हजार ब्राह्मण परिवारों के हकों को छीनने पर उतारू है।

मौजूदा सरकार पर पूर्व में भी ब्राह्मणों का अपमान करने का आरोप!

सुरजेवाला ने कहा कि खट्टर सरकार के दौरान किस प्रकार ब्राह्मण समाज को उनके रंग के आधार पर अपशकुनी और ब्राह्मण कन्याओं को देखने जैसे आपत्तिजनक प्रश्न पूछे गए। इसी प्रकार मुख्यमंत्री की जींद सभा में से ब्राह्मण संघर्ष समिति के प्रमुख को धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया था। सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री के फरसे से गर्दन काटने वाले ब्यान और विधायक पंडित राम कुमार गौतम के तिरस्कार की बात भी दोहराई।

सरकार की और से नहीं आया अभी कोई ब्यान

वहीं सुरजेवाला के इन आरोपों पर सरकार की और से कोई ब्यान जारी नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि इस मामले में सरकार कदम फूंक-फूंक कर रखी रही है।

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