महाग्राम गंगा के ऐतिहासिक गंगा मैया तालाब में हजारों मछलियों की मौत भड़के ग्रामीण
तालाब में मरी हुई मछलियां पानी की सतह पर तैरती दिखाई देने के बाद पूरे गांव में हड़कंप
गोरीवाला (सच कहूँ/अनिल)। महाग्राम गंगा के ऐतिहासिक गंगा मैया तालाब में रविवार को हजारों मछलियों के मरने से ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया। तालाब में मरी हुई मछलियां पानी की सतह पर तैरती दिखाई देने के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने सीवरेज का गंदा पानी तालाब में मिलने को घटना का कारण बताते हुए संबंधित विभागों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। Sirsa News
ग्रामीणों के अनुसार तालाब से तेज दुर्गंध आने पर लोगों ने मौके पर जाकर देखा तो बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में पानी में तैर रही थीं। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत सरपंच और संबंधित विभागों को सूचना दी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि करीब पांच वर्ष पहले गांव में सीवरेज डालने का कार्य जल्दबाजी और लापरवाही से किया गया था। ठेकेदार द्वारा सीवरेज पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन उसके कनेक्शन और तकनीकी कार्य सही ढंग से नहीं किए गए। अब उसी पाइपलाइन से गंदा पानी रिसकर गंगा मैया तालाब में पहुंच रहा है, जिससे तालाब का पानी दूषित हो गया और हजारों मछलियां मर गईं। ग्रामीण कमलेश पारीक, चंद्र मोहन बिश्नोई, रामपाल बिश्नोई, रामकुमार, डॉ. जीतराम, पवन टेलर, ओमप्रकाश शर्मा और पृथ्वीराज ने बताया कि गांव के बीच करीब 5 से 6 एकड़ क्षेत्र में फैला यह तालाब लोगों की आस्था का केंद्र है। Sirsa News
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तालाब से तुरंत मरी हुई मछलियों को निकलवाकर दूषित पानी की जांच करवाई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मत्स्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तालाब से मरी हुई मछलियों को निकलवाने का कार्य शुरू करवाया।
इस संबंध में मत्स्य विभाग के सुपरवाइजर रंजीत कुमार ने बताया कि तालाब में पानी का स्तर काफी कम था, जिससे पानी का तापमान बढ़ गया। अमोनिया गैस की मात्रा अधिक होने से ऑक्सीजन की कमी हो गई और बड़ी संख्या में मछलियां मर गईं। उन्होंने कहा कि तालाब में मछलियों की संख्या भी अधिक थी। विभाग की ओर से जल्द ही सभी मरी हुई मछलियों को निकलवाकर ग्रामीणों को राहत दिलाई जाएगी। Sirsa News
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