विश्व चैंपियन बनी बॉक्सर नीतू घनघस का भिवानी में हुआ जोरदार स्वागत

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शहरवासियों ने नीतू को लादा नोटों की मालाओं से

  • खिलाडियों ने दुनिया भर में भिवानी के नाम को चमकाया : सांसद धर्मबीर सिंह
  • नीतू की जीत पूरे देश व देश की बेटियों के लिए गर्व की बात : द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच
  • नीतू ने सीएम मनोहरलाल व उनकी खेल नीति की कि सराहना

भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। अपने दमदार मुक्कों की बदौलत देश को विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप का गोल्ड मैडल देने वाली गोल्डन गर्ल नीतू घनघस (Nitu Ghanghas) का भिवानी पहुंचने पर किसी नेता से कहीं बड़ा और शानदार विजय जुलूस निकाला गया। हर किसी ने अपनी लाड़ली को सिर आंखों पर बैठाया और जगह-जगह नीतू को नोटों की मालाओं से लाद दिया। भिवानी को यहां के बॉक्सरों की बदौलत मिनी क्यूबा कहा जाता है। इसमें अब एक नाम बॉक्सर नीतू घनघस का है। जो साल 2017 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक के बाद एक गोल्ड मैडल लाकर देश का गौरव व बेटियों का मान बढ़ा रही है। बीते साल कॉमनवेल्थ में और अब हाल में विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में नीतू ने अपने दमदार मुक्कों की बदौलत देश की झोली में गोल्ड मेडल डाला है। नीतू ने इस कहावत को पूरा किया है, जिसके तहत कहा जाता है कि म्हारी बेटी-बेटों से कम नहीं।

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ओलंपिक तालिका के टार्गेट को पाने के लिए नई नीति की जरूरत : सांसद धर्मबी

जगह-जगह नीतू का सम्मान किया गया। सबसे पहले रोहतक गेट पर तायल कॉम्पलेक्स में मंगत तायल, सेठ रामदेव तायल, मुकेश तायल, रघुनाथ, पूनम, सतीश, मनीष, वीर व गणेश तायल नीतू को 21-21 हजार रुपये की नोटों की मालाओं से लाद दिया गया। शहर में नीतू का जुलूस किसी नेता से कहीं बड़ा और शानदार रहा। रंग गुलाल उठाकर खिलाड़ी नाचते गाते खुशी मना रहे थे। भिवानी बॉक्सर क्लब में सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह नीतू को सम्मानित करने पहुँचे और बीबीसी को 11 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।

भिवानी का नाम दुनिया में चमका

इस अवसर पर सांसद चौ. धर्मबीर सिंह व कमल प्रधान ने नीतू, उनके कोच व परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों की बदौलत भिवानी का नाम दुनिया में चमका है। देश में हरियाणा और हरियाणा में भिवानी (Bhiwani) के खिलाड़ी बहुत आगे हैं। चौ. धर्मबीर सिंह ने कहा कि खिलाड़ी किसी परिवार या स्टेट का नहीं होता। खिलाड़ी राष्ट्र की धरोहर होता है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी खेल नीति की जरूरत है, जिससे खिलाड़ी की पहचान कर उसे शुरूआती दौर से ही मदद दी जाए। तभी जाकर देश ओलंपिक की तालिका के टार्गेट को प्राप्त कर पाएगा।

वहीं नीतू के कोच जगदीश ने कहा कि नीतू ने देश व बेटियों का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने नीतू की अब तक की उपलब्धियों को भी गिनाया। नीतू ने अपनी जीत का श्रेय अपने माता पिता व कोच को दिया और कहा कि अगला लक्ष्य ओलंपिक है। वहीं नीतू के पिता जयभगवान ने बताया कि कॉमनवेल्थ में गोल्ड आने और बेटी की मेहनत से पूरा भरोसा था कि वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भी नीतू गोल्ड लाएगी।

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