सूरत में मुक्त कराए गए 134 बाल मजदूर

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राजस्थान पुलिस के साथ गुजरात पुलिस की संयुक्त कार्रवाई (child laborers)

सूरत (एजेंसी)। गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत में स्थानीय पुलिस और राजस्थान की पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर 134 बाल मजदूरों को आज मुक्त कराया। इन बच्चों दिल्ली स्थित गैर सरकारी संगठन बचपन बचाओ आंदोलन की गुप्त सूचना के आधार पर शहर के पूना थाना क्षेत्र में सीताराम सोसायटी तथा आसपास के 20 से 25 मकानों पर छापेमारी कर मुक्त कराया गया। पूना थाने के पुलिस इंस्पेक्टर विजय सिंह गडरिया ने यूएनआई को बताया कि सुबह छह बजे से शुरू हुई छापेमारी में मुक्त कराए गए बच्चों में से 124 राजस्थान तथा नौ अन्य राज्यों के रहने वाले बताए गए हैं। इनकी उम्र 10 से 15 साल है। ये सभी स्थानीय कपड़ा उद्योग में बटन, जरी आदि लगाने जैसे कामों में लगाए गए थे।

  • उक्त एनजीओ ने इनके बारे में जानकारी इकट्ठी कर राजस्थान में बाल अधिकार आयोग को दिया
  •  निर्देश पर वहां की पुलिस ने यहां की पुलिस के साथ मिल कर छापेमारी की।
  • उधर राजस्थान के एक अधिकारी ने बताया कि ए बच्चे अधिकतर राज्य के आदिवासी बहुल दक्षिणी क्षेत्र के हैं।
  • इनमें से कुछ अनाथ भी हैं और सभी दलालों के माध्यम से सस्ती मजदूरी के लिए लाए गए हैं।
  • इस संबंध में आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

 

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