कक्षा पहली से 8वीं तक के स्कूल खुलेंगे शादियों में आ सकेंगे 200 लोग

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श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।
शादी समारोह में 200 लोगों की छूट से मैरिज पैलेस संचालकों, टैंट व गार्डन व्यवसायियों एवं लोगों ने राहत महसूस की है । मैरिज पैलेस एसोसिएशन श्रीगंगानगर के अध्यक्ष जुगल डूमरा का कहना है कि शादी समारोह में मेहमानों की संख्या को 50 से बढ़ाकर 200 करना राज्य सरकार का अच्छा निर्णय है। इससे वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी। सरकार की ओर से दी गई छूट से नवंबर से शुरू होने वाले सीजन में वेडिंग इंडस्ट्री का कारोबार अच्छा होने की उम्मीद है। उनके अनुसार नवंबर 2021 से मार्च 2022 तक शादी के लिए करीब 34 शुभ मुहूर्त हैं।

राजस्थान सरकार ने कोरोना के मामलों में कमी के बाद अब पहली से लेकर 8वीं तक कक्षा के लिए स्कूल खोलने का फैसला किया है। गृह विभाग ने शुक्रवार को इसके लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नई गाइडलाइन में शादी समारोह में अब 200 लोगों के शामिल होने की छूट दी गई है। अभी तक शादियों में 50 लोग ही शामिल हो सकते थे। 20 सितंबर से छठवीं से आठवीं और 27 सितंबर से पहली से पांचवीं क्लास तक के बच्चों के स्कूल खुलेंगे। पहले फेज में 50त्न बच्चों को ही स्कूल बुलाया जाएगा। प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तरों में अब 100 प्रतिशत कर्मचारियों को बुलाया जाएगा।

सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स रात 10 बजे तक खुलेंगे 

सिनेमा हॉल, थियेटर, मल्टीप्लेक्स पूरी क्षमता के साथ सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक खुल सकेंगे। वे ही दर्शक जा सकेंगे, जिन्होंने वैक्सीन की कम से कम एक डोज लगवा ली हो। बिना वैक्सीन वालों को अनुमति नहीं होगी।

रेस्टोरेंट पूरी क्षमता से सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक खुलेंगे 

रेस्टोरेंट पूरी क्षमता के साथ सुबह 9 से रात 10 बजे तक खुल सकेंगे। जिम, योग सेंटर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक खुल सकेंगे। 20 सितंबर से स्विमिंग पूल केवल उन लोगों के लिए खुलेंगे, जिन्होंने वैक्सीन की कम से कम एक डोज लगवा ली हो।

20 सितंबर से जनजाति और सामाजिक न्याय के हॉस्टल भी खुलेंगे 

जनजातीय विकास विभाग और सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के हॉस्टल 20 सिंतबर से खुलेंगे। इन हॉस्टल के लिए दोनों विभाग अलग से गाइडलाइन जारी करेंगे।

बाध्य नहीं कर सकेंगे 

सभी कक्षाओं के बच्चों को स्कूल बुलाने से पहले उनके माता-पिता की सहमति अनिवार्य होगी। जो माता-पिता अपने बच्चों को आॅफलाइन क्लास के लिए नहीं भेजना चाहते, उन्हें स्कूल बुलाने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। जो माता-पिता बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते, उनके लिए आॅनलाइन क्लास की व्यवस्था जारी रखनी होगी।

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