भाकियू ने लगाया गजियाबाद प्रशासन पर वेव सिटी बिल्डर से मिलीभगत कर किसानों के उत्पीड़न का आरोप,सीएम को लिखा पत्र

संबंधित भूमि एवं अधिग्रहण से जुड़े विवाद  उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के समक्ष विचाराधीन,प्रशासन और बिल्डर की कार्रवाई कोर्ट की अवमानना: भाकियू

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गाजियाबाद (सच कहूं/रविंद्र सिंह)। भाकियू जिला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह और पूर्व पार्षद आनंद ने नवयुग मार्केट स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया बताया कि ग्राम काजीपुरा, जनपद गाजियाबाद में -8 जुलाई 2026 को किसानों के आवासों पर पुलिस एवं प्रशासन द्वारा की गई कथित कार्यवाही, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार, उच्च न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण के दौरान कथित अवैधानिक कार्रवाई की गई उन्होंने बताया इस बाबत जिलाधिकारी को यूपी के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया । ज्ञापन में   किसानों की भूमि के संबंध में निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्यवाही किए जाने की मांग की गई। और सीएम  को ज्ञापन के जरिए ग्राम काजीपुरा, जनपद गाजियाबाद के  किसानों की ओर से अवगत कराया गया।

कहा कि 8.जुलाई 2026 को प्रातः लगभग 6 बजे थाना-वेव सिटी की पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों जिसमे उप-जिलाधिकारी सदर, नायक तहसीलदार आलोक कुमार, व जीडीए के अधिशासी अभियन्ता द्वारा किसानों के घरों में घुसकर कर कार्यवाही किए जाने का मामला। इस दौरान महिलाओं के साथ छेडछाड तथा वरिष्ठ नागरिकों एवं बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार तथा मारपीट करते हुए अवैध रुप से थना वेव सिटी मे बन्धक बनाए जाने की शिकायत है तथा थान-वेव सिटी मे बन्धक बनाए गए किसान जिन्हे षडयन्त्र के तहत जान से मारने के उद्देश्य से जीवन रक्षक दवाईयाँ भी नही देने दी की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

और संबंधित भूमि एवं अधिग्रहण से जुड़े विवाद  उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के समक्ष विचाराधीन हैं। जिसमे किसान आनन्द चौधरी की  उच्च न्यायालय इलाहाबाद में विचाराधीन रिट सं-25069/2026 ,चौधरी आदि बनाम उप्र सरकार आदि याचिकाकर्ताओं द्वारा पूर्व में भी व सीआरएलपी सं-15672/2026 आनन्द प्रशासन को उक्त वादों की जानकारी दी जा चुकी थी। इसके बावजूद न्यायालय में लंबित प्रकरण के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, जीडीए द्वारा प्राईवेट बिल्डर वेव सिटी को अनैतिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई कार्यवाही से जिला प्रशासन/पुलिस प्रशासन का किसानो व उसके परिवारों के प्रति कठोर रवैया साबित होता है किसानों में भय एवं असुरक्षा की भावना उत्पन्न हुई है।

 किसानों का कहना है कि वे अपनी भूमि का अधिग्रहण विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया तथा उचित एवं वैधानिक प्रतिकर के बिना किए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका निवेदन है कि उनकी आपत्तियों एवं वैधानिक अधिकारों पर निष्पक्ष रूप से विचार किया जाए।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारियों अथवा निजी संस्था/बिल्डर वेव सिटी द्वारा न्यायालय के आदेशों अथवा विधिक प्रक्रिया का खुले रुप से उल्लंघन किया गया है तथा जबरन किसानो की जमीनो को हडपने का प्रयास पुलिस सहायता से किया जा रहा है जिसकी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाना आवश्यक है। किसानों ने मुख्यमंत्री  से अपील करते हुए कहा कि जनहित एवं न्यायहित में निम्नलिखित कार्यवाही कराने की कृपा करें।

पीड़ित किसानों ने की ये कार्रवाई की मांग 

1-गाजियाबाद जिला प्रशासन के उप-जिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सदर, नायब तहसीलदार आलोक कुमार व पुलिस प्रशासन के थाना प्रभारी थाना वेव सिटी, सहायक पुलिस आयुक्त वेव सिटी तथा, जीडीए के अधिशासी अभियन्ता-जोन-5 व प्राईवेट बिल्डर वेव सिटी द्वारा मिलीभगत करते हुए किसानो के साथ चल रही सिंडिकेट की जॉच  उच्च न्यायालय की निगरानी मे कराई जाए।

प्रेस वार्ता में ये भाकियू पदाधिकारी और किसान रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकुमार चौधरी,जिला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, जयकुमार मालिक(उत्तर प्रदेश प्रवक्ता),युवा जिला अध्यक्ष छोटे चौधरी, किसान नेता एवं पूर्व पार्षद आनंद चौधरी,विनीत चौधरी,अभिषेक चौधरी,कार्यालय प्रभारी सतेंद्र तेवतिया आदि भाकियू पदाधिकारी मौजूद रहे।

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