ग्रामीण की हत्या में दो सगे भाइयों व पिता को आजीवन कारावास

साढ़े तीन वर्ष पूर्व पिता-पुत्रों ने दिया था हत्याकांड को अंजाम, घटना के बाद से जिला कारागार में बंद है तीनों आरोपी

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कैराना (सच कहूँ/संदीप इन्सां)। ग्रामीण की बलकटी से काटकर निर्मम हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश(त्वरित न्यायालय) ऋतु नागर ने दो सगे भाइयों व उनके पिता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 1.46 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपियों ने मृतक व्यक्ति का शव छिपाते हुए देखने पर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद से ही तीनों हत्यारोपी जिला कारागार मुजफ्फरनगर में बंद है।

जिला शासकीय अधिवक्ता(क्राइम) संजय चौहान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक पुण्डीर ने बताया कि विगत 03 जनवरी 2022 को देर शाम करीब सवा आठ बजे कोतवाली सदर क्षेत्र के गांव लांक निवासी विनोद अपने पुत्र लोमेश के साथ में घेर से घर के लिए जा रहा था। इसी दौरान घर के निकट पहले से ही घात लगाकर बैठे गांव के ही विवेक उर्फ केकड़ा व विशांत तथा कृष्णपाल ने विनोद पर हमला कर दिया। कृष्णपाल ने विनोद को पीछे से पकड़ लिया, जबकि उसके पुत्र विवेक उर्फ केकड़ा ने बलकटी से उसके ऊपर ताबड़तोड़ प्रहार किए। तीसरे आरोपी विशांत ने अवैध तमंचे से फायर किए। आरोपियों के हमले में विनोद की मौत हो गई। हत्याकांड को अंजाम देते वक्त आरोपी कह रहे थे कि यह बचना नही चाहिए। बताया गया है कि विनोद ने किसी मृतक व्यक्ति का शव छिपाते हुए आरोपियों को देख लिया था, जिसके बाद भेद खुलने के भय से उन्होंने विनोद की भी हत्या कर दी।

घटना का मुकदमा मृतक के भाई यशपाल की ओर से अगले दिन सदर कोतवाली पर दर्ज कराया गया था। बाद में पुलिस ने हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी पिता-पुत्रों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। विवेचक ने मामले की जांच करके आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। यह मामला कैराना स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश(एफटीसी) ऋतु नागर की अदालत में विचाराधीन था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाह कोर्ट में पेश किये गए। सोमवार को न्यायाधीश ऋतु नागर ने दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के तर्क-वितर्क सुनने एवं पत्रावलियों के गहन अवलोकन के पश्चात आरोपी विवेक उर्फ केकड़ा, विशांत और कृष्णपाल को विनोद की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व कुल 1.46 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी घटना के बाद से ही जिला कारागार मुजफ्फरनगर में बंद है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

चोरी के आरोपी को कारावास व अर्थदंड की सजा

कैराना। कोर्ट ने चोरी के आरोपी को दोषी करार देते हुए जेल में बिताई दो वर्ष, दो माह व चार दिन के कारावास व 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष-2024 में शिवम निवासी ग्राम खेडाजर मंगलौर जनपद हरिद्वार(उत्तराखंड) के विरुद्ध कोतवाली शामली पर चोरी एवं बरामदगी के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।

यह मामला कैराना स्थित सिविल जज सीनियर डिवीजन/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में विचाराधीन था। पुलिस के द्वारा न्यायालय में प्रभावी एवं सशक्त पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप सोमवार को कोर्ट ने आरोपी शिवम को दोषी मानते हुए जेल में बिताई 02 वर्ष, दो माह व चार दिन के कारावास एवं 500 रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया है। अर्थदण्ड अदा न करने पर कोर्ट ने 07 दिवस के अतिरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान किया है।

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