नेशनल हेराल्ड मामला: सोनिया, राहुल, अन्य को जवाब दाखिल करने का और समय मिला

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नयी दिल्ली l दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेशनल हेराल्ड मामले में भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की एक याचिका पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके पुत्र राहुल गांधी और अन्य आरोपियों को जवाब दाखिल करने का सोमवार को और समय दे दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की एकल पीठ ने मामले को 18 मई को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। कांग्रेस नेताओं की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता आर एस चीमा और तरन्नुम चीमा ने अदालत को बताया कि कोविड-19 के कारण कार्यालय बंद रहने से वे जवाब नहीं दाखिल कर पाएं हैं। उन्होंने और समय देने का अनुरोध किया।

उच्च न्यायालय ने स्वामी की याचिका पर 22 फरवरी को श्रीमती सोनिया, राहुल, कांग्रेस महासचिव ऑस्कर फर्नांडीस, सुमन दूबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडियन (वाईआई) को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा था एवं तब तक निचली अदालत की सुनवाई पर रोक लगा दी थी। स्वामी ने निचली अदालत के 11 फरवरी के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया था।

धन प्राप्त करने की साजिश रचने का आरोप

निचली अदालत ने श्रीमती सोनिया, राहुल तथा मामले में अन्य आरोपियों पर मुकदमा चलाने के लिए साक्ष्य से जुड़ी स्वामी की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। निचली अदालत ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 244 के तहत स्वामी की याचिका पर मामले में उनसे जिरह खत्म होने के बाद विचार किया जाएगा। स्वामी ने निचली अदालत में दायर निजी आपराधिक शिकायत में श्रीमती गांधी और राहुल के अलावा अन्य लोगों पर नेशनल हेराल्ड के जरिए धोखाधड़ी एवं अनुचित तरीके से धन प्राप्त करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था।

नेशनल हेराल्ड है क्या?

नेशनल हेराल्ड 1938 में शुरू किया गया एक अखबार था। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इसका इस्तेमाल आजादी की लड़ाई में किया। पंडित नेहरू ने 1937 में असोसिएटेड जर्नल बनाया था, जिसने तीन अखबार निकालने शुरू किए। हिंदी में नवजीवन, उर्दू में कौमी आवाज और अंग्रेजी में नेशनल हेराल्ड। 2008 आते-आते असोसिएटेड जर्नल ने फैसला किया कि अब अखबार नहीं छापे जाएंगे। बाद में पता चला कि असोसिएटेड जर्नल पर 90 करोड़ रुपयों का कर्ज भी चढ़ चुका है।

कोर्ट तक पहुंचा मामला

सारा मामला 2012 में सुब्रमण्यम स्वामी ने उठाया था। स्वामी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस पार्टी ने अपने पार्टी के पैसे से सोनिया गांधी और राहुल गांधी की कंपनी यंग इंडिया को 90 करोड़ रूपए उधार दिए। उस पैसे से राहुल सोनिया की कंपनी यंग इंडिया ने नेशनल हेराल्ड अखबार निकालने वाली कंपनी एसोसिएट जनरल को खरीद लिया और उस कंपनी की करीब 5 हजार करोड़ की संपत्ति गांधी परिवार के पास आज भी मौजूद है।

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