बेटे के जन्म की खुशी में ‘रक्तदान’ कर मनाया जश्न: नागपुर के डेरा अनुयायी ने पेश की मानवता की मिसाल

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नागपुर/महाराष्ट्र (सच कहूँ न्यूज़)। Nagpur News: आमतौर पर परिवार में बच्चे के जन्म पर लोग मिठाइयां बांटते हैं या जश्न मनाते हैं, लेकिन नागपुर के रहने वाले डेरा सच्चा सौदा अनुयायी जगप्रीत इन्सां ने इस खुशी को एक अलग और नेक ढंग से मनाया। जगप्रीत ने पुत्र रत्न की प्राप्ति की खुशी में एक जरूरतमंद महिला, सुशीला काशीनाथ मानवटकर, के लिए रक्तदान कर ‘इंसानियत का फर्ज’ अदा किया।

जरूरतमंद की सहायता ही सच्चा उत्सव | Nagpur News

जब जगप्रीत इन्सां को सूचना मिली कि सुशीला काशीनाथ मानवटकर को तत्काल रक्त की आवश्यकता है, तो उन्होंने बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। जगप्रीत का मानना है कि किसी का जीवन बचाना ही सबसे बड़ा उत्सव है। उन्होंने अपनी खुशी को समाज सेवा के साथ जोड़कर अन्य लोगों के लिए भी एक प्रेरणा पेश की है।

डेरा सच्चा सौदा की मुहिम: ‘ट्रु ब्लड पम्प’ (True Blood Pump)

यह निस्वार्थ सेवा डेरा सच्चा सौदा की ‘ट्रु ब्लड पम्प’ मुहिम का हिस्सा है। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए, डेरा अनुयायी दुनिया के किसी भी कोने में हों, वे रक्त की कमी से किसी की जान नहीं जाने देते।

  • चलते-फिरते ब्लड बैंक: इस मुहिम के तहत अनुयायियों को ‘ट्रु ब्लड पम्प’ कहा जाता है, क्योंकि वे हर समय रक्तदान के लिए तैयार रहते हैं।
  • आपातकालीन सेवा: जब भी किसी दुर्घटना या गंभीर बीमारी में रक्त की तत्काल जरूरत होती है, ये सेवादार कुछ ही मिनटों में वहां पहुंच जाते हैं।

रक्तदान में स्थापित किए हैं कई विश्व रिकॉर्ड

डेरा सच्चा सौदा ने रक्तदान के क्षेत्र में जो आयाम स्थापित किए हैं, वे अपने आप में एक मिसाल हैं:

  • गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स: डेरा सच्चा सौदा के नाम सर्वाधिक रक्तदान करने के कई विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं।
  • सेना के लिए रक्तदान: डेरा अनुयायियों द्वारा भारतीय सेना के लिए भी भारी मात्रा में स्वैच्छिक रक्तदान किया जाता है, ताकि सरहदों की रक्षा करने वाले जवानों को समय पर मदद मिल सके।
  • नियमित शिविर: संस्था द्वारा समय-समय पर विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं, जहाँ हजारों यूनिट रक्त एकत्रित किया जाता है।
  • “रक्तदान महादान है, और जब यह किसी की खुशी के अवसर पर किया जाए, तो उसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है।”

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