हिंद महासागर में चीनी चाल पर नजर रखेंगे भारत के सी-गार्डियन

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नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत को 22 समुद्री गार्डियन ड्रोन बेचने का निर्णय किया है। भारत को अनुमानित दो अरब डॉलर में 22 समुद्री गार्डियन ड्रोन बेचने के निर्णय से अमेरिका में रोजगार के करीब 2000 नए अवसर पैदा होंगे। इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे। बता दें कि भारत की समुद्री सीमा 7500 किलोमीटर लंबी है। हिंद महासागर में अपना दबदबा बढ़ाने की चीन की कोशिशों को देखते हुए भारत को अमेरिकी ड्रोन मिलना बेहद अहम है।

इस सौदे से जुड़े हुए जनरल एटोमिक्स के मुख्य कार्यकारी विवेक लाल ने अटलांटिक काउंसिल को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसे भारत-अमेरिका द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम समझा जाना चाहिए। विवेक लाल से पहले सीनेटर जॉन कोर्निन ने भी ट्वीट कर कहा था कि ड्रोन सौदे से भारत-अमेरिका संबंध मजबूत होंगे। इस सौदे के संबंध में डोनाल्ड ट्रंप ने जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्हाइट हाउस में मुलाकात करने के बाद घोषणा की थी।

40 घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम

समुद्री गार्डियन ड्रोन अमेरिका समेत उसकी सहयोगी सेनाओं का अहम रक्षा उपकरण है। ये ड्रोन लगातार 40 घंटे तक उड़ान भरते हुए दुश्मन की किसी भी हरकत पर नजर रखने में सक्षम हैं।

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