बरनावा में किए वचन हुए पूरे, संगत के लिए खुशी की खबर। Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan
सरसा। पूज्य गुरु संत डॉॅ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां जब 40 दिन की रूहानी यात्रा पर पधारे थे। उस समय साध-संगत की फरियाद पर पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि अब हर महीने पावन भंडारा मनाया करेंगे। पूज्य गुरु जी ने 29 अप्रैल को 15वीं चिट्ठी आई जिसमें पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि अब मई महीने में पावन भंडारा मनाया जाएगा।
पूज्य गुरु जी ने चिट्ठी के माध्यम साध-संगत को एकता में रहने, सभी धर्मों का सत्कार करने का आह्वान किया। इसके अलावा मई महीने को भी डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत को भंडारे के रूप में मनाने के वचन किए हैं। चिट्ठी में पूज्य गुरु जी ने बताया कि 1948 के मई महीने में डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज ने सत्संग फरमाया था, इसलिए इस महीने के आखिरी रविवार को भी साध-संगत भंडारे के रूप में मनाया करेगी।
मानवता भलाई कार्यों और रूहानियत की यूनिवर्सिटी के रूप में विश्व प्रसिद्ध सर्वधर्म संगम डेरा सच्चा सौदा के 75वां रूहानी स्थापना दिवस के शुभ भंडारे पर शनिवार को शाह सतनाम जी धाम में साध-संगत के उत्साह ने नया इतिहास रच दिया। 7 विशाल पंडालों के साध-संगत से खचाखच भरने के साथ ही आश्रम की ओर आने वाले मार्गों पर कई-कई किमी. साध-संगत का विशाल समूह ही नजर आया। लगभग 1000 एकड़ जगह में संगत के बैठने के लिए इंताजाम किया गया, लेकिन सब कम पड़ता नजर आया।
नामचर्चा में पहुंची साध-संगत के जोश, जुनून, उमंग व असीम आस्था के समक्ष डेरा प्रबंधन द्वारा किए गए सभी प्रबंध बोने साबित हुए। इस अवसर पर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने रूहानी चिट्ठी भेजी, जिसे साध-संगत के बीच पढ़कर सुनाया गया। चिट्ठी के माध्यम से पूज्य गुरु जी ने 157वां मानवता भलाई कार्य ‘उत्तम संस्कार’ शुरू करवाया, जिसके तहत साध-संगत रोजाना या सप्ताह में 3 बार आप अपने बच्चों को ‘मानवता व मानवता भलाई, सृष्टि की भलाई’ के बारे में शिक्षा देगी व प्यार से समझाएगी।
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