महंगाई भत्ते को लेकर कर्मचारियों का चंडीगढ़ रैली में बड़ा इक्ट्ठ, 27 को सीएम मान से होगी बैठक
चंडीगढ़ में कर्मचारियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन, विधानसभा घेराव से पहले पुलिस से टकराव
चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News; महंगाई भत्ते के बकाये और पुरानी पेंशन बहाल करने की माँग को लेकर सरकारी कर्मचारी काफी आक्रोशित हैं। चंडीगढ़ के इतिहास में पहली बार सरकारी कर्मचारियों का इतना बड़ा एकत्र हुआ है। इस विशाल इक्ट्ठ के चलते सेक्टर-39 की अनाज मंडी में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। इस भारी भीड़ को देखते हुए जोश में आए सरकारी कर्मचारियों ने पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच किया। रास्ते में पहले से तैनात चंडीगढ़ पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल करते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस ने पानी की बौछारें मारकर कर्मचारियों को कुछ समय तक रोकने में सफलता हासिल की, लेकिन दोबारा आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे कर्मचारियों को मुख्यमंत्री भगवंत मान के संदेश ने रोक दिया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से सरकारी कर्मचारियों को 27 अगस्त को बैठक का समय दिया गया है। बैठक मिलने के बाद ही कर्मचारियों ने वापस लौटने का फैसला किया। जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार की ओर से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते का बकाया अभी जारी किया जाना बाकी है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी पंजाब सरकार इस बकाये को जारी करने के लिए तैयार नहीं है और सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना लागू करने के किए गए वादे से भी पंजाब सरकार के पीछे हटने का आरोप लगाया जा रहा है। इसी विरोध में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की ओर से चंडीगढ़ में रैली आयोजित की गई थी, जिसमें पंजाब भर के सभी कर्मचारियों और पेंशनरों को पहुंचने की अपील की गई थी।
चंडीगढ़ प्रशासन ने इन सरकारी कर्मचारियों को सैक्टर-39 स्थित अनाज मंडी में रैली करने की अनुमति दे दी थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारी पहुंचेंगे। शुक्रवार को जब रैली में भीड़ जुटनी शुरू हुई तो हर कोई हैरान रह गया। कर्मचारियों का कहना था कि इससे पहले चंडीगढ़ में इतना बड़ा इक्ट्ठ नहीं हुआ और अनाज मंडी में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। रैली में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस भी सतर्क हो गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करने के साथ ही कई जगहों पर बैरिकेड लगाए गए। करीब 4 घंटे तक रैली करने के बाद जब कर्मचारियों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच किया तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान करीब एक दर्जन कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी मिली है।